गिफ्ट निफ्टी 26 जून को गिरकर बंद हुआ। टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली का असर बड़े एशियाई बाजारों पर पड़ा। अमेरिका बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बढ़ा है। इसका असर 26 जून को दक्षिण कोरिया सहित दूसरे एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। भारतीय शेयर बाजार मुहर्रम की छुट्टी की वजह से 26 जून को बंद रहे। इस बीच, गिफ्ट निफ्टी 0.18 फीसदी यानी 44 अंक गिरकर 24,071 पर बंद हुआ।
टेक्नोलॉजी और AI शेयरों पर दबाव
आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। यह माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शानदार तिमाही नतीजों पर भारी पड़ा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख पर भी इनवेस्टर्स की नजरें बनी हुई हैं। उधर, क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट को इकोनॉमी के लिए पॉजिटिव माना जा रहा है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा कम हुआ है।
प्रमुख एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट
26 जून को एशियाई शेयर बाजारों पर दबाव दिखा। इसकी वजह टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली थी। जापान का निक्केई 4.63 फीसदी क्रैश कर गया। स्ट्रेट टाइम्स में 0.52 फीसदी कमजोरी दिखी। हैंगसेंग 1.79 फीसदी फिसला। कोस्पी 6.17 फीसदी क्रैश कर गया। शंघाई कंपोजिट में भी 2.31 फीसदी की गिरावट आई। दूसरे एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिला।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी हफ्ते में दूसरी बार क्रैश
दक्षिण कोरिया का बाजार एक समय 9 फीसदी तक फिसल गया था। इस वजह से 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोक दी गई। इस हफ्ते दूसरी बार कोरिया के प्रमुख सूचकांक कोस्पी में बड़ी गिरावट आई। हालांकि, कारोबार के अंत में यह 6.2 फीसदी गिरकर बंद हुआ। सबसे ज्यादा गिरावट सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK Hynix के शेयरों में आई। ये दोनों चिप बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनियां हैं, जिनकी कोस्पी में करीब 60 फीसदी वेटेज है।
यूएस में टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव का असर दूसरे बाजारों पर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी शेयर बाजारों में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बड़ी गिरावट ने दूसरे बाजारों के टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर भी दबाव बढ़ाया है। 25 जून को भी नैस्डेक में गिरावट देखने को मिली। 26 जून को प्री-मार्केट ट्रेडिंग में माइक्रोन का शेयर करीब 5 फीसदी फिसला। इंटेल और माइक्रो डिवाइसेज के शेयरों में भी 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई।
दक्षिण कोरिया का बाजार इस साल सबसे ज्यादा चढ़ा है
इस साल दुनिया के बड़े शेयर बाजारों में आई तेजी की बड़ी वजह टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में निवेशकी की दिलचस्पी रही है। दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली है। कुछ शेयरों की कीमतें दो गुनी और तीन गुनी तक हो गई हैं। इसकी वजह सेमीकंडक्टर और चिप बनाने वाली कंपनियों में विदेशी निवेशकों की खरीदारी है। अब इन कंपनियों के शेयरों में तेजी जारी रहने को लेकर संदेह जताया जा रहा है।