एसेट मैनेजमेंट कंपनियों ने 2024 में 239 न्यू फंड ऑफरिंग्स (NFOs) के जरिए 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें सेक्टोरल या थीम पर बेस्ड इक्विटी फंड, निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे। सोमवार को जर्मिनेट इनवेस्टर सर्विसेज रिसर्च की तरफ से जारी रिपोर्ट से यह बात सामने आई। इसके पहले वर्ष 2023 में 212 NFOs के जरिए 63,854 करोड़ रुपये और 2022 में 228 NFOs के जरिए 62,187 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित वर्ष 2020 में 81 नई पेशकशों के जरिए एसेट मैनेजमेंट कंपनियों ने 53,703 करोड़ रुपये जुटाए थे।
NFO जारी करने की दर में तेजी का यह रुझान एक मजबूत ग्रोथ ट्राजेक्टरी और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। आमतौर पर NFO बाजार में तेजी के माहौल में लाए जाते हैं, जब निवेशकों की धारणा उच्च और आशावादी होती है। निवेशकों के इस आशावादी रुझान का फायदा उठाने और निवेश को आकर्षित करने के लिए NFO शुरू किए गए थे।
निवेशकों के पॉजिटिव सेंटिमेंट से भी मिला बल
उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि शेयर बाजार के प्रदर्शन के साथ-साथ निवेशकों की सकारात्मक धारणाओं के कारण 2024 में NFO के जरिए अधिक राशि जुटाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल सेक्टोरल-विशेष या थीम बेस्ड फंड, इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) ने निवेशकों की खासी दिलचस्पी हासिल की। रिपोर्ट कहती है, ‘‘इस दौरान ऐसे 53 NFO ने 79,109 करोड़ रुपये जुटाए और ये फंड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे।’’
विशिष्ट क्षेत्रों या थीम के लिए बनाए गए इक्विटी फंड अपनी फोकस्ड अप्रोच और बाजार के रुझानों के साथ तालमेल की वजह से निवेशकों के बीच लोकप्रिय हुए। आंकड़ों के मुताबिक, HDFC मैन्युफैक्चरिंग फंड NFO ने अप्रैल 2024 में 12,500 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड इनफ्लो के साथ अगुवाई की। महीने के लिहाज से, दिसंबर में सबसे अधिक NFO लॉन्च दर्ज किए गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के वर्षों के मजबूत गेन के बाद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को 2025 में रीकैलिब्रेशन का सामना करना पड़ सकता है। पूरे साल 2024 में सेंसेक्स 5,898.75 अंक या 8.16 प्रतिशत और निफ्टी 1,913.4 अंक या 8.80 प्रतिशत चढ़ा।