Pharma Stocks: ट्रंप का ऐलान, 4% तक टूट गए फार्मा स्टॉक्स, इस कारण लगा शॉक

Pharma Stocks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ देशों पर टैरिफ लगाया तो फार्मा सेक्टर की कंपनियों के शेयर कांप गए। शेयरों में तेज गिरावट के चलते इसका निफ्टी इंडेक्स Nifty Pharma आज 1% से अधिक टूट गया। जानिए कि अमेरिकी टैरिफ के भारतीय फार्मा कंपनियों पर असर को लेकर मार्केट एनालिस्ट्स का क्या कहना है?

अपडेटेड Jul 08, 2025 पर 2:53 PM
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Pharma Stocks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ चार्ट पर घरेलू मार्केट में फार्मा कंपनियों के शेयर धड़ाम से गिर गए। फार्मा शेयरों की बिकवाली के चलते इसका निफ्टी इंडेक्स निफ्टी फार्मा 1% से अधिक टूटकर 22 हजार के नीचे 21,987.65 तक आ गया।

Pharma Stocks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करीब 14 देशों के लिए नया टैरिफ रेट जारी किया है। टैरिफ की नई दरें अगले महीने 1 अगस्त से लागू होंगी। ट्रंप के इस नए टैरिफ चार्ट पर घरेलू मार्केट में फार्मा कंपनियों के शेयर धड़ाम से गिर गए। फार्मा शेयरों की बिकवाली के चलते इसका निफ्टी इंडेक्स निफ्टी फार्मा 1% से अधिक टूटकर 22 हजार के नीचे 21,987.65 तक आ गया। निफ्टी फार्मा में 20 स्टॉक्स शामिल हैं जिसमें से सिर्फ 5 ही फिलहाल (खबर लिख जाने के समय) ग्रीन हैं लेकिन इनमें भी तेजी करीब 1% या इससे कम ही है। वहीं दूसरी तरफ रेड जोन वाले शेयर 4% तक कमजोर दिख रहे हैं।

अरबिंदो फार्मा फिलहाल 3.49% की गिरावट के साथ ₹1,143.70 और लुपिन 3.10% की फिसलन के साथ ₹1,917.30 पर है। इसके अलावा ग्रेन्यूल्स 2.85% फिसलकर ₹479.15 और डॉ रेड्डीज 2.28% की गिरावट के साथ ₹1,280.60 पर है। वहीं दूसरी तरफ ग्लैंडफार्मा, डिविसलैब, इप्कालैब, नाटको फार्मा और मैनकाइंड फार्मा ग्रीन जोन में हैं, लेकिन 1% या इससे कम बढ़त के साथ।

अमेरिकी टैरिफ से क्यों लगा फार्मा स्टॉक्स को झटका?


भारतीय फार्मा कंपनियों के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी निर्यात से आता है तो टैरिफ बढ़ने से उनते मार्जिन पर असर पड़ेगा। इस वजह से फार्मा स्टॉक्स ट्रंप के ऐलान से बिखर गए। हालांकि कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि ट्रंप के टैरिफ से भारतीय फार्मा कंपनियों को फायदा मिल सकता है। INVasset PMS के बिजनेस हेड भाविक जोशी का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी सौदे को लेकर अभी बातचीत चल रही है।

हालांकि फार्मा सेक्टर की बात करें तो अमेरिका चीन पर अपनी निर्भरता कम करने पर काम कर रहा है और CDMO (कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज) में चीन के आयात की हिस्सेदारी 8% है। भारत की बात करें तो अपने स्केल, कंप्लॉयंस ट्रैक रिकॉर्ड, और पीएलआई इंसेंटिव के तहत बढ़ते एपीआई बेस के चलते बदलाव का एक हिस्सा संभालने के लिए यह अच्छी स्थिति में है। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि चुनौतियां भी कम नहीं है। 'बाय अमेरिका' पर जोर देने से कम मार्जिन वाली जेनेरिक दवाओं के लिए मामले जटिल हो सकते हैं और रेगुलटरी सख्ती से सेंटिमेंट पर दबाव दिख सकता है।

किन देशों पर ट्रंप ने लगाया टैरिफ?

ट्रंप ने सोमवार, 7 जुलाई को सबसे पहले जापान और दक्षिण कोरिया पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया। वहीं, दक्षिण अफ्रीका पर 30%, कजाख्स्तान पर 25%, मलेशिया पर 25%, लाओस पर 40% और म्यांमार पर 40% टैरिफ लगाने की बात कही है। ये टैरिफ 1 अगस्त से लागू होंगे। इसके अलावा 12 और देशों को औपचारिक टैरिफ नोटिफिकेशन भेजने की तैयारी है।

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