ऑटो शेयरों में आ सकती है 10-15% की और गिरावट, CLSA ने कहा- 'यही है खरीदारी का मौका'

Auto Stocks: भारतीय ऑटो कंपनियो के शेयरों पर फिलहाल दबाव बना हुआ है और आगे भी इसमें गिरावट की आशंका जताई जा रही है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि ऑटो शेयरों में अभी 10-15% तक और गिरावट आ सकती है, हालांकि इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर बताया गया है

अपडेटेड Mar 20, 2026 पर 12:52 PM
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Auto Stocks: मार्च महीने में निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों में से एक रहा है

Auto Stocks: भारतीय ऑटो कंपनियो के शेयरों पर फिलहाल दबाव बना हुआ है और आगे भी इसमें गिरावट की आशंका जताई जा रही है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि ऑटो शेयरों में अभी 10-15% तक और गिरावट आ सकती है, हालांकि इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर बताया गया है।

CLSA ने 20 मार्च को जारी अपनी रिपोर्ट में कई प्रमुख ऑटो कंपनियों के टारगेट प्राइस और कमाई के अनुमान घटा दिए हैं। इनमें अशोक लीलैंड, बजाज ऑटो, आयशर मोटर्स, एस्कॉर्ट्स कुबोटा, हीरो मोटोकॉर्प, हुंडई मोटर इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स (CV और PV दोनों) और टीवीएस मोटर शामिल हैं।

तीन हफ्तों में 15% टूटा ऑटो इंडेक्स

निफ्टी ऑटो इंडेक्स में पिछले तीन हफ्तों में करीब 15% की गिरावट आ चुकी है। इसकी मुख्य वजह मिडिल ईस्ट संकट के चलते सप्लाई चेन में आई बाधाएं और कच्चे माल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्पादन में रुकावट और महंगे कमोडिटी इनपुट्स ऑटो कंपनियों के लिए दोहरी मार साबित हो रहे हैं।


अर्निंग्स में 30-40% तक कटौती संभव

CLSA ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा हालात अगले 2-3 महीने तक बने रहते हैं, तो FY27 की कमाई में 30% से 40% तक की कटौती हो सकती है। ब्रोकरेज ने 2020 के कोविड काल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय ऑटो शेयरों में 30-45% तक गिरावट आई थी। इसी आधार पर मौजूदा माहौल में 15% की अतिरिक्त गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता।

आगे रिकवरी की उम्मीद

हालांकि, CLSA का मानना है कि अगर कमोडिटी कीमतें स्थिर होती हैं या कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी कर पाती हैं, तो FY28 तक मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है। यह संभावित रिकवरी मौजूदा वैल्यूएशन में पहले से ही शामिल हो सकती है।

गिरावट बनेगी निवेश का मौका

ब्रोकरेज का कहना है कि अगर ऑटो शेयरों में 10 से 15% की और गिरावट आती है, तो यह लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक एंट्री पॉइंट होगा।

CLSA ने महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और अशोक लीलैंड को इस सेक्टर में अपनी पसंदीदा कंपनियों के रूप में चुना है।

स्टॉक का नाम पुराना टारगेट प्राइस (₹) नया टारगेट प्राइस (₹) टारगेट प्राइस में कटौती (%)
एस्कॉर्ट्स कुबोटा 4,313 3,752 13%
मारुति सुजुकी 17,743 15,961 10%
आयशर मोटर्स 8,066 7,454 8%
हीरो मोटोकॉर्प 5,913 5,437 8%
हुंडई मोटर इंडिया 2,853 2,652 7%
टीवीएस मोटर्स 4,146 3,846 7%
बजाज ऑटो 11,410 10,707 6%
अशोक लेलैंड 227 216 5%
महिंद्रा 4,702 4,448 5%
टाटा मोटर्स CV 673 648 4%
टाटा मोटर्स PV 450 440 2%

किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

मार्च महीने में निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों में से एक रहा है। टाटा मोटर्स (PV) में इस साल अब तक करीब 19% की गिरावट आई है। इसके अलावा बॉश, संवर्धना मदरन, आयशर मोटर्स और मारुति सुजुकी में भी मार्च के दौरान 15-17% तक की गिरावट देखी गई है।

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