Axis Bank Share Price: 'स्पेशिफाईड अंडरटेकिंग ऑफ द यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया' (SUUTI) के जरिए भारत सरकार एक्सिस बैंक (Axis Bank) में अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है। ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत आज 10 नवंबर को पहले दिन आज नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स को ही बोली लगाने की इजाजत मिली है।
इस प्रोसेस का असर बैंक के शेयरों पर निगेटिव असर दिख रहा है और यह तीन फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बीएसई पर 845.50 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है।
सरकार की योजना Axis Bank से बाहर निकलने की
एक्सिस बैंक मे सरकार की 1.55 फीसदी हिस्सेदारी है और वह इसकी बिक्री के जरिए 4 हजार करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसके लिए ओएफएस विंडो दो दिन खुला है और पहले दिन आज नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स बोली लगा रहे हैं और 11 बजा तक महज 4 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। कल 11 नवंबर को खुदरा निवेशकों को इसमें बोली लगाने का मौका मिलेगा। सरकार ने अपने हिस्से के 4.65 करोड़ शेयरों की बिक्री के लिए 830.63 रुपये का फ्लोर प्राइस (Axis Bank Share Price) फिक्स किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक ICICI सिक्योरटीज, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया और मॉर्गन स्टैनली इंडिया को इस ब्लॉक डील के लिए ब्रोकर नियुक्त किया गया है। एक हफ्ते पहले, अमेरिका की दिग्गज प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल (Bain Capital) ने भी एक्सिस बैंक में अपनी 0.54 फीसदी हिस्सेदारी को खुले बाजार में लेन-देन के जरिए 1,487 करोड़ रुपये में बेचा था।
ब्रोकरेज पॉजिटिव हैं स्टॉक को लेकर
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक 46 एनालिस्ट्स ने इसे खरीदाने की रेटिंग दी है, चार ने होल्ड की। बिक्री की रेटिंग किसी भी एनालिस्ट्स ने दी है। एक्सिस बैंक के लिए सितंबर तिमाही शानदार रही और नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 70 फीसदी बढ़कर 5330 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 31 फीसदी बढ़कर 10,360.3 करोड़ रुपये रहा। वहीं नेट इंटरेस्ट मार्जिन 0.57 फीसदी बढ़कर 3.96 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।