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मिनिस्ट्री का एक फैसला, Bajaj Auto-TVS Motor के शेयर धड़ाम, ब्रोकरेज फर्म ने जताई बड़ी आशंका

Bajaj Auto-TVS Motor Shares Fall: ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के एक फैसले के चलते दिग्गज दोपहिया कंपनियां बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव बढ़ा। बिकवाली की इस आंधी में इनके शेयर 2% तक टूट गए। जानिए ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के किस फैसले ने शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव बनाया और ब्रोकरेज फर्म का इसे लेकर क्या कहना है?

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jun 23, 2025 पर 3:56 PM
मिनिस्ट्री का एक फैसला, Bajaj Auto-TVS Motor के शेयर धड़ाम, ब्रोकरेज फर्म ने जताई बड़ी आशंका
Bajaj Auto-TVS Motor Shares Fall: दिग्गज दोपहिया कंपनियों बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर के शेयर आज मुनाफावसूली के दबाव में टूट गए। इसके शेयरों में बिकवाली का यह दबाव ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के एक फैसले के चलते आया जिसके तहत सभी नए स्कूटर्स और मोटरसाइकिल्स में एंट्री-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम्स (ABS) अनिवार्य कर दिया गया है।

Bajaj Auto-TVS Motor Shares Fall: दिग्गज दोपहिया कंपनियों बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर के शेयर आज मुनाफावसूली के दबाव में करीब 2% टूट गए। इसके शेयरों में बिकवाली का यह दबाव ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के एक फैसले के चलते आया जिसके तहत सभी नए स्कूटर्स और मोटरसाइकिल्स में एंट्री-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम्स (ABS) अनिवार्य कर दिया गया है। मिनिस्ट्री के इस आदेश पर बजाज ऑटो के शेयर आज इंट्रा-डे में बीएसई पर 1.40% टूटकर ₹8252.05 और टीवीएस मोटर के शेयर 1.53% टूटकर ₹2768.00 पर आ गए। दिन के आखिरी में आज बीएसई पर टीवीएस मोटर 1.02% की फिसलन के साथ ₹2782.55 (TVS Motor Share Price) और बजाज ऑटो 1.04% की गिरावट के साथ ₹8282.35 (Bajaj Auto Share Price) पर बंद हुआ है।

क्या है एनालिस्ट्स का रुझान?

ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने एबीएस को अनिवार्य ऐसे समय में किया है, जब दोपहिया इंडस्ट्री वित्त वर्ष 2026 में मजबूत रिकवरी के रास्ते पर है। गांवों में तो शादियों के सीजन के चलते दोपहिया गाड़ियों की बिक्री बढ़ रही है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इस साल 2025 में शहरों की तुलना में गांव में मांग अधिक रह सकती है। इससे सरकारी सहायता, केंद्रीय बजट में टैक्स इंसेंटिव और ओवरऑल मैक्रोइकनॉमिक स्टैबिलिटी से सपोर्ट मिलेगा। हालांकि इंडस्ट्री को सप्लाई को लेकर चुनौतियां भी झेलनी पड़ रही है क्योंति चीन ने रेयर-अर्थ मैग्नेट के निर्यात पर सख्ती कर दी है जोकि इलेक्ट्रिक दोपहिया के लिए काफी अहम कंपोनेंट है। अगर सख्ती जारी रहती है तो आने वाले महीनों में बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर और हीरो मोटोकॉर्प को प्रोडक्शन को लेकर चुनौतियां झेलनी पड़ सकती हैं।

अब ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के फैसले से चुनौती की बात करें तो वैश्विक ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का मानना है कि इससे दोपहिया गाड़ियों की मांग 2-4% घट सकती है। इसके चलते हर गाड़ी की कीमत ₹3000 बढ़ सकता है जिससे ओवरऑल गाड़ी की लागत में 3-5% का इजाफा हो सकता है। यह इजाफा इसलिए झटका है क्योंकि इस सेगमेंट में मांग पर कीमतों का बड़ा असर रहता है। नोमुरा का कहना है कि पहले भी जब बीमा से जुड़े नियमों या BS-6 उत्सर्जन मानकों के चलते कीमतें बढ़ीं थीं, तब मांग पर निगेटिव असर पड़ा था। इस बार यानी ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के फैसले से 100cc बाइक्स, स्कूटर, और मोपेड्स जैसे एंट्री-लेवल सेगमेंट में अधिक असर दिख सकता है। ज्यादातर इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) की भी लागत बढ़ जाएगी।

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