Bajaj Electricals Shares: कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली बजाज कंपनी बजाज इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों में आज जोरदार तेजी आई। मार्केट की उठा-पटक के बीच बजाज इलेक्ट्रिकल्स के शेयर आज रॉकेट की स्पीड से 10% से अधिक उछल पड़े। यह तेजी मर्फी रिचर्ड्स के ब्रांड राइट्स खरीदने के लिए कंपनी के ऐलान पर आई है। इस ऐलान ने शेयरों को पंख लगा दिए और उछल पड़े। इस तेजी का फायदा कुछ निवेशकों ने उठाया जिससे शेयरों की अधिकतर तेजी गायब हो गई लेकिन अब भी यह मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 1.18% की बढ़त के साथ ₹365.00 (Bajaj Electricals Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 10.06% के उछाल के साथ ₹397.05 तक पहुंच गया था।
Morphy Richards के लिए क्या एग्रीमेंट किया है Bajaj Electricals ने?
बजाज इलेक्ट्रिकल्स ने ₹141.4 करोड़ में मर्फी रिचर्ड्स के ब्रांड राइट्स हासिल करने का ऐलान किया है। भारत में और दक्षिण एशिया के कुछ देशों में मर्फी रिचर्ड्स की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और ब्रांड राइट्स हासिल करने के लिए कंपनी ने डेफिनिटिव एग्रीमेंट पर साइन किए हैं। यह एग्रीमेंट दो दशकों से अधिक समय से चल रही साझेदारी को आगे बढ़ाता है, जो एक लाइसेंसिंग व्यवस्था के तहत थी, और अब बजाज इलेक्ट्रिकल्स को भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव में ब्रांड का पूर्ण स्वामित्व और नियंत्रण देता है।
मर्फी रिचर्ड्स की बात करें तो यह वर्ष 1936 में यूके में बनी थी और यह अपने प्रीमियम, डिजाइन-आधारित होम एप्लायंसेज और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स के लिए जानी जाती है। भारत में बजाज इलेक्ट्रिकल्स वर्ष 2002 से एक लाइसेंसिंग समझौते के तहत इस ब्रांड को संभाल रही थी और इसे कई प्रोडक्ट कैटेगरी में मजबूत पहचान दिलाने में मदद की। यह लाइसेंसिंग एग्रीमेंट आखिरी बार 2022 में 15 वर्षों के लिए रिन्यू किया गया था।
अब जो अधिग्रहण हुआ है, उसके तहत कंपनी का लक्ष्य अपनी मल्टी-ब्रांड रणनीति को मजबूत करने के साथ-साथ इनोवेशन, डिजाइन और गो-टू-मार्केट एग्जीक्यूशन में निवेश बढ़ाना है। पूर्ण मालिकाना हक मिलने पर बजाज इलेक्ट्रिकल्स को इसकी वैल्यू बढ़ाने का मौका मिला है।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
बजाज इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 9 मार्च 2026 को यह बीएसई पर ₹341.70 पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 8 ही महीने में यह 51.87% टूटकर 9 मार्च 2026 को ₹341.70 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इसके शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसमें प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 62.69% हिस्सेदारी है और पब्लिक शेयरहोल्डर्स की 37.31%।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।