Bajaj Finance ने लॉन्ग-टर्म गाइडेंस बढ़ाए, लेकिन मार्जिन और क्रेडिट कॉस्ट को लेकर चिंता बरकरार

बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन में कमी और बढ़ती क्रेडिट कॉस्ट इस एनबीएफसी के लिए चिंता की बात है। कंपनी ने लॉन्ग-टर्म रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) गाइडेंस 4-4.5 फीसदी से बढ़ाकर 4.6-4.8 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा उसने रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) गाइडेंस भी 19-21 फीसदी बढ़ाकर 21-23 फीसदी कर दिया है

अपडेटेड Jul 27, 2023 पर 3:21 PM
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मोतीलाल ओसवाल ने बजाज फाइनेंस के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। उसने इसका टारगेट प्राइस 8,800 रुपये रखा है। ज्यादातर विदेशी ब्रोकरेज फर्मों ने भी इस स्टॉक को खरीदने की सलाह दी है।
     
     
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    Bajaj Finance ने जून तिमाही के अच्छे नतीजों के बाद 26 जुलाई को रिटर्न रेशियो पर लॉन-टर्म गाइडेंस बढ़ा दिए। हालांकि, बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन में कमी और बढ़ती क्रेडिट कॉस्ट इस एनबीएफसी के लिए चिंता की बात है। कंपनी ने लॉन्ग-टर्म रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) गाइडेंस 4-4.5 फीसदी से बढ़ाकर 4.6-4.8 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा उसने रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) गाइडेंस भी 19-21 फीसदी बढ़ाकर 21-23 फीसदी कर दिया है। कंपनी ने ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) गाइडेंस को 1.4-1.7 से घटाकर 1.2-1.4 कर दिया है। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) गाइडेंस को 0.4-0.7 से घटाकर 0.4-0.5 फीसदी कर दिया गया है।

    स्टॉक 52 हफ्तों के हाई से 6 फीसदी दूर

    एनालिस्ट्स का कहना है कि इससे कंपनी के स्ट्रॉन्ग अंडरराइटिंग और रिस्क मैनेजमेंट प्रोसेसेज का पता चलता है। 27 जुलाई को सुबह Bajaj Finance के शेयर का प्राइस 7,505 रुपये था। यह पिछले क्लोजिंग लेवल से एक फीसदी ज्यादा है। यह शेयर 52 हफ्तों के अपने हाई से करीब 6 फीसदी दूर है।


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    जून तिमाही में क्रेडिट कॉस्ट में इजाफा

    इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में कंपनी का लोन लॉस और प्रोविजंस 995 करोड़ रुपये था। यह साल दर साल आधार पर 32 फीसदी ज्यादा है। जून तिमाही में कंपनी की क्रेडिट कॉस्ट 170 बेसिस प्वाइंट्स रही, जो इससे पिछली तिमाही में 155 बेसिस प्वाइंट्स थी। मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में क्रेडिट कॉस्ट 155-165 बेसिस प्वॉइंट्स रहने की बात कही है। क्रेडिट कॉस्ट में इजाफा तब हुआ है, जब कंपनी ने 35 करोड़ रुपये स्टैंडएलोन ईसीएल प्रोविजनिंग किया है। 15 करोड़ रुपये का वन टाइम प्रोविजनिंग किया है। ईसीएल मॉडल के रिडेवलपमेंट के लिए 50 करोड़ आवंटन किया है। ईसीएल का मतलब Expected Credit Cost है। यह क्रेडिट रिस्क के लिए अकाउंटिंग का मेथड है।

    मार्जिन पर रह सकता है दबाव

    एनालिस्ट्स का कहना है कि फंड्स की बढ़ती कॉस्ट से बजाज फाइनेंस के मार्जिन पर दबाव बना रहेगा। पहली तिमाही में कॉस्ट ऑफ फंड्स 7.61 फीसदी रही। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 22 बेसिस प्वाइंट्स ज्यादा है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के एनालिस्ट्स इस फाइनेंशियल ईयर में नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 25 बेसिस प्वाइंट्स की कमी का अनुमान लगा रहे हैं। उनका मानना है कि कॉस्ट ऑफ बॉरोइंग बढ़ रही है और इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी का बोझ ग्राहकों पर डालने में दिक्कत आ रही है।

    मोतीलाल ओसवाल की खरीदने की सलाह

    मोतीलाल ओसवाल ने बजाज फाइनेंस के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। उसने इसका टारगेट प्राइस 8,800 रुपये रखा है। ज्यादातर विदेशी ब्रोकरेज फर्मों ने भी इस स्टॉक को खरीदने की सलाह दी है। मॉर्गन स्टेनली ने इसे खरीदने की सलाह देते हुए इसके शेयरों के लिए 9,250 रुपये का प्राइस टारगेट दिया है।

    JFS की एंट्री बड़ा रिस्क

    एनालिस्ट्स ने एनबीएफसी मार्केट में Jio Financial Services की एंट्री को बड़ा रिस्क बताया है। ICICI Securities ने कहा कि इस मार्केट में प्रतियोगिता बढ़ने से वैल्यूएशन पर दबाव बन सकता है।

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