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Bangladesh Crisis: बांग्लादेश के चलते ये शेयर बन गए रॉकेट, 20% तक लगाई छलांग, जानें कारण

Bangladesh Crisis: बांग्लादेश संकट के बीच आज 6 अगस्त को टेक्सटाइल और गारमेंट कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी आई। गोकालदास एक्सपोर्ट्स के शेयर तो 1,089.40 रुपये के अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। इसके अलावा, केपीआर मिल में 16%, अरविंद लिमिटेड में 11%, एसपी अपैरल्स में 18%, सेंचुरी एंका में 20%, किटेक्स गारमेंट्स में 16%, और नाहर स्पिनिंग में 14% तक की तेजी देखी गई

Vikrant singhअपडेटेड Aug 06, 2024 पर 7:15 PM
Bangladesh Crisis: बांग्लादेश के चलते ये शेयर बन गए रॉकेट, 20% तक लगाई छलांग, जानें कारण
Bangladesh Crisis: बांग्लादेश संकट ने भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट कंपनियों के लिए नई उम्मीद पैदा कर दी है

Bangladesh Crisis: शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में भारी उथल-पुथल मची हुई है। हालांकि इस अस्थिरता ने कुछ भारतीय कंपनियों और उनके स्टॉक के लिए उम्मीद की नई किरण पैदा कर दी है। इनमें खास तौर से भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर की कंपनियां है। मंगलवार को इन कंपनियों के शेयर 20% तक उछल गए। उम्मीद की जा रही है कि अगर बांग्लादेश का संकट लंबा चला, तो भारत में हर महीने 300-400 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त बिजनेस आ सकता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

बांग्लादेश में गहराते राजनीतिक संकट ने वहां के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी हिला दिया है। बांग्लादेश कपड़ों के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। लेकिन अब वह राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में इन घटनाओं ने भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट कंपनियों के लिए बहुत बड़ा मौका दिया है। यही कारण है कि आज 6 अगस्त को गोकालदास एक्सपोर्ट्स, सेंचुरी एंका और एसपी अपैरल्स जैसी कंपनियों के शेयरों में 20% तक की भारी तेजी आई।

गोकालदास एक्सपोर्ट्स के शेयर तो 1,089.40 रुपये के अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। इसके अलावा, केपीआर मिल में 16%, अरविंद लिमिटेड में 11%, एसपी अपैरल्स में 18%, सेंचुरी एंका में 20%, किटेक्स गारमेंट्स में 16%, और नाहर स्पिनिंग में 14% तक की तेजी देखी गई।

बांग्लादेश की इकोनॉमी में वहां के टेक्सटाइल सेक्टर का काफी बड़ा योगदान है। हालांकि शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद, जो राजनीतिक अस्थिरता पैदा हुई है, उसका असर टेक्सटाइल सेक्टर पर हो सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई विदेशी कंपनियां, जो अपना माल बांग्लादेश से मंगाती है, वे अब अपने आर्डर के लिए दूसरे देशों की ओर रुख कर सकती है, जिसमें भारत की दावेदारी सबसे मजबूत है।

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