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Banking Stocks: बैंकिंग शेयरों पर लौटा बाजार का भरोसा, बैंक निफ्टी ने बनाया नया रिकॉर्ड, RBI की बड़ी भूमिका

Banking Stocks: बैंकिंग शेयरों में तेजी का सीधा श्रेय RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा की नई नीतियों को दिया जा रहा है। संजय मल्होत्रा ने पिछले साल दिसंबर में RBI का कमान संभाला था और तब से वह लगातार बैंकिंग सिस्टम्स में लिक्विडिटी यानी नकदी बढ़ाने और कर्ज को आसान बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहे हैं

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 22, 2025 पर 7:09 PM
Banking Stocks: बैंकिंग शेयरों पर लौटा बाजार का भरोसा, बैंक निफ्टी ने बनाया नया रिकॉर्ड, RBI की बड़ी भूमिका
Banking Stocks: जनवरी से अब तक RBI ने बैंकिंग सिस्टम्स में लगभग 7 लाख करोड़ रुपये डाले हैं

Banking Stocks: शेयर बाजार में आज 22 अप्रैल को लगातार छठवें दिन तेजी देखी गई। इस तेजी की अगुआई की बैंकिंग शेयरों ने। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक नई गाइडलाइंस से बैंकिंग शेयरों में नए सिरे से खरीदारी देखी जा रही है। बैंकिग निफ्टी इंडेक्स आज कारोबार के दौरान 55,961 के नए ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI की इस नई गाइडलाइंस से भारतीय बैंकों का तगड़ा फायदा हो सकता है।

बैंकिंग शेयरों में तेजी का सीधा श्रेय RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा की नई नीतियों को दिया जा रहा है। संजय मल्होत्रा ने पिछले साल दिसंबर में RBI का कमान संभाला था और तब से वह लगातार बैंकिंग सिस्टम्स में लिक्विडिटी यानी नकदी बढ़ाने और कर्ज को आसान बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहे हैं।

RBI ने पहले लगातार दो बार अपने रेपो रेट में कटौती की, फिर लिक्विडिटी को बढ़ाने के लिए कदम उठाए और निवेशकों का बैंकों में भरोसा जगाने के लिए कई नए बदलाव किए। इसी के चलते पिछले 6 दिनों से लगातार बैंकिंग शेयरों में तेजी देखी जा रही है। निफ्टी इंडेक्स में बैंकिंग शेयरों का वेटेज करीब 22 फीसदी है। ऐसे में बैंकिंग शेयरों में थोड़ी भी तेजी से पूरे शेयर मार्केट में रौनक आ जाती है।

RBI ने हाल ही में जो कदम उठाए हैं, उसमें से एक कदम यह है कि बैंकों को रिटेल डिपॉजिट का छोटा हिस्सा सरकारी बॉन्ड्स में रखने की छूट दी गई है, जिसे अब तक लिक्विडिटी बफर के रूप में रखा जाता है। इस नई गाइडलाइंस से बैंकों की लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) में 6 फीसदी का सुधार आ सकता है। आसान शब्दों में कहें कि तो इस कदम से बैंकों के पास लोन देने के लिए अब ज्यादा पूंजी बचेगी।

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