How to Create Wealth from Stock Market: शेयर बाजार में कोई भी स्टॉक चुनते समय पर आमतौर पर निवेशकों के मन में दो सवाल होते हैं। पहला, कि उनका पैसा डूबे नहीं। और दूसरा कि वह शेयर उन्हें अच्छा खासा रिटर्न कमाकर दे। अगर आप भी इन दोनों सवालों के जवाब की तलाश में हैं, तो जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट आपके काम आ सकती है। मोतीलाल ओसवाल ने आज 10 दिसंबर को वेल्थ क्रिएशन स्टडी नाम से एक रिपोर्ट जारी की।
इस रिपोर्ट में उसने कहा कि अगर शेयर बाजार से लोगों को वेल्थ बनाना है तो उन्हें पिटे हुए या घायल ब्लूचिप कंपनियों के शेयरों पर फोकस करना चाहिए या ऐसे क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश करना चाहिए, जो अब तक अच्छा रिटर्न नहीं दे रहे हैं। इस रिपोर्ट में और क्या निवेश के मंत्र बताए गए हैं, आइए जानते हैं
मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि कई बार ब्लूचिप कंपनियों का प्रदर्शन भी लंबे समय तक के लिए कमजोर रहता है। इसके पीछे कई सारी वजहें हो सकती हैं, जैसे नया कॉम्पिटीशन आना, किसी नियम-कानून में बदलाव, पूंजी का गलत आंवटन या कोई बाहरी कारण भी हो सकता है। मोतीलाल ओसवाल के सीईओ रामदेव अग्रवाल ने कहा कि लेकिन यही समय इन कंपनियों में निवेश का बड़ा मौका भी होता है। रामदेव ने कहा कि, "जब ये कंपनियां वापसी करती हैं तो ये सिर्फ दौड़ती नहीं हैं, बल्कि दहाड़ती हैं।"
मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि निवेशकों को बस यह ध्यान रखना चाहिए कि इन कंपनियों के फंडामेंटल में कोई स्ट्रक्चरल गिरावट नहीं आई हो। अगर ऐसा नहीं है तो फिर इस तरह का अंडरपरफॉर्मेंस, इन ब्लूचिप शेयरों में बड़ा पोजिशन लेने यानी निवेश करने का सुनहरा मौका हो सकता है।
अब सवाल आता है कि ये ब्लूचिप शेयर हैं क्या? मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि निफ्टी 50 इसका सबसे अच्छा एग्जाम्पल है। निफ्टी के सभी 50 शेयर इस कैटेगरी में आता है। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि इनके अलावा उन कंपनियों को भी ब्लूचिप माना जा सकता है, जिनका पिछले 10 सालों से रिटर्न ऑन एसेट्स यानी RoA 20% से ज्यादा हुआ है।
इस परिभाषा को लेने पर ऐसी कंपनियों की संख्या बढ़कर कुल 107 हो जाती है। ब्रोकरेज ने कहा कि इसमें से अगर घायल ब्लूचिप शेयरों को खोजा जाए और उनमें निवेश किया जाए, तो वे काफी तेजी से वेल्थ बना सकते हैं। ब्रोकरेज ने कहा कि इन स्टॉक्स की सबसे अच्छी बात यह होती है कि इनमें पैसे के स्थायी तौर पर डूबने का जोखिम बहुत ही कम होती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हमने पिछले 7 सालों, 2018 से लेकर 2024 तक के, कुल 99 घायल ब्लूचिप कंपनियों के शेयरों की स्टडी की और पाया कि इनमें से कोई भी कंपनी बंद नहीं हुई है और ये सभी कंपनियां आज भी अपना कारोबार कर रही हैं।
'घायल ब्लूचिप' शेयरों को कैसा पहचाना जाए?
अब सवाल आता है कि इन घायल ब्लूचिप शेयरों की पहचान कैसी की जाए। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि ये वे कंपनियां होती हैं, जिनमें उनके पिछले 5 साल के हाई से करीब 50 फीसदी की गिरावट आ चुकी हो। यह गिरावट क्यों आई है, इसकी भी स्पष्ट जानकारी हो। शेयर को लेकर निराशा अपने चरम पर हो। साथ ही कंपनी के वापसी करने की क्षमता बरकरार हो। ब्रोकरेज ने कहा कि इन कंपनियों में जैसे ही कारोबार के कुछ हद तक संकेत मिले, इनमें खरीदारी की जा सकती है।
कुल मोतीलाल ओसवाल की यह स्टडी, अपने कारोबार में वापसी करने वाली कंपनियों में निवेश करने और उनसे पैसे बनाने की सलाह दे रही है। रामदेव अग्रवाल ने कहा कि इन स्टॉक्स को को खरीदने का सबसे अच्छा समय तब होता है जब वे थोड़ी परेशानी में होते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे ब्लूचिप्स स्टॉक्स की तलाश करने पर हमे हमेशा महंगे वैल्यूएशन वाले शेयर मिलते हैं। इसीलिए हमने मोतीलाल ओसवाल में घायल ब्लूचिप स्टॉक्स का नया फ्रेमवर्क बनाया है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।