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भारत डायनेमिक्स से सरकार खरीदेगी इनवार मिसाइलें, ₹3000 करोड़ का हो सकता है ऑर्डर, शेयर 52-हफ्ते के हाई पर

Bharat Dynamics Shares: भारत सरकार देश की सैन्य ताकत को और मजबूत करने के लिए भारत डायनेमिक्स (BDL) से लगभग 500 इनवार एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों (ATGMs) को खरीदने की योजना बना रही है। इस डिफेंस सौदे की लागत 2,000 करोड़ से 3,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। इस बीच भारत डायनेमिक्स के शेयर आज 4% तक उछलकर अपने नए 52-वीक हाई पर पहुंच गए

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड May 27, 2025 पर 1:43 PM
भारत डायनेमिक्स से सरकार खरीदेगी इनवार मिसाइलें, ₹3000 करोड़ का हो सकता है ऑर्डर, शेयर 52-हफ्ते के हाई पर
Bharat Dynamics Shares: इनवार मिसाइलों को टैंक प्लेटफॉर्म से लॉन्च करने के लिए डिजाइन किया गया है।

Bharat Dynamics Shares: भारत सरकार देश की सैन्य ताकत को और मजबूत करने के लिए भारत डायनेमिक्स (BDL) से लगभग 500 इनवार एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों (ATGMs) को खरीदने की योजना बना रही है। इस डिफेंस सौदे की लागत 2,000 करोड़ से 3,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। इस बीच भारत डायनेमिक्स के शेयर आज 27 मई को कारोबार के दौरान 4% तक उछलकर 1,991.50 रुपये के अपने नए 52-वीक हाई पर पहुंच गए।

इनवार मिसाइलें खासतौर से T-90 मेन बैटल टैंकों से दागी जाने वाली गाइडेड मिसाइलें हैं, जो अपनी सटीक निशाना साधने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं। भारत की अग्रिम पंक्ति की टैंक रेजिमेंट्स में पहले से ही इन मिसाइलों का इस्तेमाल हो रहा है। इस खरीद के जरिए सरकार भारत की बख्तरबंद युद्ध क्षमताओं को और अधिक धार देने की तैयारी में है।

एक अधिकारी ने बताया, “इनवार मिसाइलों को टैंक प्लेटफॉर्म से लॉन्च करने के लिए डिजाइन किया गया है। रक्षा मंत्रालय, भारत डायनेमिक्स से 500 मिसाइलों के ऑर्डर को अंतिम रूप दे रहा है, जिस पर कुल खर्च 2,000 करोड़ रुपये से 3,000 करोड़ रुपये के बीच होने की उम्मीद है।”

अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस प्रस्ताव का वित्तीय आकलन चल रहा है, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही यह तय हो सकेगा कि अंतिम मंजूरी किस स्तर से ली जाएगी। उन्होंने बताया, "रक्षा खरीद मामलों में लागत के अनुसार मंजूरी के अलग-अलग स्तर होते हैं। 2,000 करोड़ रुपये तक के ऑर्डर को रक्षा मंत्री की मंजूरी से पास किया जा सकता है। अगर राशि 3,000 करोड़ के करीब होती है तो इसे वित्त मंत्री की मंजूरी की आवश्यकता होती है। अगर लागत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक होती है तो सौदे को कैबिनेट की मंजूरी लेनी पड़ती है।"

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