BHEL Share Price: भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयरों में शुक्रवार 5 मई को दिन के कारोबार के दौरान 7 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और यह निफ्टी-200 के सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा। कंपनी के शेयरों में गिरावट की एक मुख्य वजह मुनाफावसूली रही क्योंकि पिछले एक महीने में इसमें करीब 19 फीसदी की तेजी आ चुकी थी। दोपहर सवा 2 बजे के करीब, BHEL के शेयर एनएसई पर 5.98% गिरकर 80.90 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। बता दें कि BHEL, भारत सरकार के स्वामित्व वाली एक कंपनी है, जो भारी उद्योग मामलों के मंत्रालय के तहत आती है।
टेक्निकल चार्ट पर, BHEL के शेयर सिमेट्रिकल ट्राएंगल फॉर्मेशन में थे, जिसका मतलब है कि स्टॉक के लिए अस्थिरता धीरे-धीरे कम हो रही है और जल्द ही इसमें ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है। जेमस्टोन इक्विटी रिसर्च और चैटविजार्ड FZE के फाउंडर और टेक्निकल एनालिस्ट, मिलाव वैष्णव ने बताया कि इससे पहले अप्रैल के अंत में कंपनी के शेयर में 77 रुपये पर ब्रेकआउट देखने को मिला था, जिसके बाद तीन मई को कंपनी का शेयर 87 रुपये पर पहुंच गया।
उन्होंने कहा, "अभी शेयर में किसी दिशा की तरफ जाने वाला मूव नहीं दिख रहा है, जो इसमें एंट्री के लिए एक अच्छा केस नहीं बनाता है। BHEL के शेयर करेक्शन के फेज में है और इसके 76 से 88 रुपये के दायरे में रहने की उम्मीद है।"
BHEL के करीब 2,343,082 शेयरों में आज कारोबार देखने को मिला, जबकि इसके पिछले 30 दिनों के औसत (1,118,976 शेयरों) की तुलना में करीब 109 प्रतिशत अधिक है।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अप्रैल में इस शेयर के आउटलुक को 'नेगेटिव' से हटाकर 'न्यूट्रल' कर दिया था। ब्रोकरेज ने कहा कि नए थर्मल प्रोजेक्ट में कैपिटल एक्सपेंडिचर से निकट भविष्य में ऑर्डर में तेजी देखी जा सकती है। हालांकि वित्त वर्ष 25 के बाद भी ऑर्डर की निरंतरता अभी भी धुंधली बनी है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा था कि शेयर की कीमतों ने पहले ही निकट भविष्य में ऑर्डर में तेजी और वित्त वर्ष 2025 तक मार्जिन रिकवरी में जैसे पहलु को अपने में समावेश कर लिया है। ऐसे में यहां वित्त वर्ष 2025 के बाद ऑर्डर फ्लो में तेजी और स्टॉक की कीमत में सुधार, ब्रोकरेज फर्म को इस शेयर पर बुलिश बनाता है।
वहीं ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर का अनुमान है कि मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 14.3 प्रतिशत बढ़ेगा। जबकि कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने रेवेन्यू में सालाना आधार पर करीब 7 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है।
प्रभुदास लीलाधर ने कहा, "ऑर्डर पूरा करने की गति, वर्किंग कैपिटल की स्थिति, नए ऑर्डर का फ्लो, गैर-बिजली सेगमेंट में डायवर्सिफिकेशन और मार्जिन पर मैनेजमेंट की टिप्पणी, इस स्टॉक के लिए निगरानी योग्य बातें होंगी।"
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