बिग बुल राकेश झुनझुनवाला का वह फॉर्मूला जिसके दम पर उन्होंने खड़ा किया अपना साम्राज्य

ग्रेजुएशन और चार्टर्ड अकाउंटेंसी के बाद उन्होंने स्टॉक में निवेश और ट्रेडिंग करके करियर बनाने का फैसला किया। तब से ही उन्होंने इस फॉर्मूले को अपने जेहन में उतार रखा था

अपडेटेड Aug 14, 2022 पर 2:27 PM
बिग बुल ने कहा था कि मैं प्रोफिटैबिलिटी को प्रोजेक्ट करने की बजाय उन कारणों और परिस्थितियों को समझने की कोशिश करता हूं जिनसे मुनाफा हो सकता है

भारतीय शेयर बाजारों में बिग बुल नाम से मशहूर रहे दिवंगत राकेश झुनझुनवाला (Big Bull Rakesh Jhunjhunwala) बार-बार एक गणितीय फॉर्मूले (mathematical formula) का अनुकरण करते थे। इस फॉर्मूले से उन्हें मुनाफा कमाने की कंपनी की क्षमता और कंपनी की क्षमता के बारे में बाजार की धारणा दोनों के महत्व को समझने में मदद मिली।

उन्होंने कहा था "मुझे एक साधारण गणितीय समीकरण के बारे में बताया गया था। वह है Earnings per share (EPS) x price earnings ratio (PER) = price । इससे स्पष्ट है कि जब दोनों कीमत तय करने वाले वैरियेबल्स यानी कि EPS और PER में बढ़त हो रही है तो स्टॉक की कीमत में बढ़ोत्तरी होती है। ” ये बात उन्होंने आउटलुक बिजनेस के पूर्व संपादक एन महालक्ष्मी के साथ एक इंटरव्यू में कही थी।

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झुनझुनवाला शेयर बाजार में तब आये ते जब वे बहुत छोटे थे। 15 साल की उम्र में वह अपने पिता को इसके बारे में बात करते हुए सुनते थे। इसके बाद बाजार के बारे में उनकी जिज्ञासा बढ़ी। उन्होंने समाचार पत्रों के लेखों के जरिये और अपने पिता से पूछताछ करके स्टॉक प्राइस मूवमेंट का अध्ययन किया।

उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था उस समय उन्होंने हर वार्षिक रिपोर्ट को पढ़ा, जिसके शेयरो में उन्हें निवेश करने की इच्छा थी। ग्रेजुएशन और चार्टर्ड अकाउंटेंसी की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने "स्टॉक में निवेश और ट्रेडिंग करके करियर बनाने की चुनौती" को स्वीकार करने का फैसला किया। तब से ही उन्होंने इस फॉर्मूले को अपने जेहन में उतार रखा था।

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एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था ईपीएस की भविष्यवाणी काफी हद तक नंबर्स का उपयोग करके की जा सकती है। यह मुख्य रूप से विज्ञान और आंशिक रूप से एक आर्ट है । लेकिन फॉर्मूले के दूसरे भाग या PER की भविष्यवाणी करना इससे कहीं ज्यादा कठिन है। PER की भविष्यवाणी के बारे में उन्होंने कहा था "जिस तरह कुकिंग और सेक्स, सिखाया नहीं जा सकता है। बल्कि इसे सीखना पड़ता है। उसी तरह मैंने सीखा है कि PEs को समझना या उसकी भविष्यवाणी करना सबसे कठिन है। सफल निवेश के लिए इसे समझना सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर है।"

EPS की बात करें तो यह केवल एब्सल्यूट वैल्यू (absolute value) नहीं है जिस पर हमें विचार करने की जरूरत है। बल्कि हमें EPS की क्वालिटी पर ध्यान देने की जरूरत है। "मेरे विश्लेषण के अनुसार पूरी तरह से प्रोफिटैबिलिटी को प्रोजेक्ट करने की बजाय मैं उन कारणों और परिस्थितियों को समझने की कोशिश करता हूं जिनसे मुनाफा हो सकता है।

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उन्होंने कहा था कि कंपनी के मुनाफे की भविष्यवाणी करने की कोशिश करते समय वे प्रोडक्ट / सर्विस की डिमांड या उसके लिए उपलब्ध बाजार पर विचार करते हैं। झुनझुनवाला ने कहा था कि वे निवेश करते समय कंपनी की अपने प्रोडक्ट्स या सर्विस को सबसे कम कीमत पर ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को उपलब्ध कराने की क्षमता, ऑपरेटिंग स्ट्रेंथ और कंपनी की स्केलैबिलिटी एवं इंटीग्रिटी पर ध्यान देते हैं।

 

 

 

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