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जुलाई में विदेशी निवेशकों ने बेचे ₹47,500 करोड़ के शेयर, टूटा 4 महीनों का रिकॉर्ड, जानें बड़ी वजह

FIIs Selling: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में जुलाई में करीब 3.6 फीसदी घटकर 5.2 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया। पिछले पांच महीने यानी फरवरी के बाद से यह किसी एक महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट रही। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह रही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Aug 01, 2025 पर 3:37 PM
जुलाई में विदेशी निवेशकों ने बेचे ₹47,500 करोड़ के शेयर, टूटा 4 महीनों का रिकॉर्ड, जानें बड़ी वजह
FIIs Selling: जुलाई में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 3.5% तक गिरे

FIIs Selling: शेयर बाजारों के निवेशकों के लिए जुलाई का यह महीना काफी निराशाजनक रहा। पूरी दुनिया के टॉप-10 शेयर बाजारों में सबसे अधिक गिरावट भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में जुलाई में करीब 3.6 फीसदी घटकर 5.2 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया। पिछले पांच महीने यानी फरवरी के बाद से यह किसी एक महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट रही। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह रही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली।

विदेशी निवेशकों ने जुलाई महीने में 47,600 करोड़ रुपये से भी अधिक की भारी बिकवाली की है। खास बात यह है कि इससे पहले लगातार चार महीनों से विदेशी निवेशक भारत में खरीदारी कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुल करीब 38,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया था। हालांकि अब जुलाई महीने में उन्होंने इससे भी ज्यादा एक बार में निकाल ली ।

विदेशी निवेशकों की इस बिकवाली ने शेयर बाजार पर भी भारी दबाव बनाया। सेंसेक्स और निफ्टी में जुलाई महीने के दौरान 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते भारतीय शेयर बाजार, दुनिया के टॉप-10 बाजारों में सबसे खराव प्रदर्शन वाला मार्केट बन गया।

क्यों आई गिरावट?

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