फ्रांस की ब्रोकरेज फर्म बीएनपी परिबा (BNP Paribas) का मानना है कि वैल्यूएशन को लेकर दबाव होने के बावजूद साल 2022 में सेंसेक्स (Sensex) ऊपर जाएगा और अगले साल के अंत तक यह 62,000 अंक तक पहुंच सकता है। सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेज (BSE) का 30 शेयरों वाला सूचकांक, सेंसेक्स करीब 503 अंक गिरकर 58,283 के स्तर पर बंद हुआ।
BNP Paribas ने सोमवार को साल 2022 में BSE सेंसेक्स को लेकर अपना आउटलुक यानी नजरिया जारी किया। ब्रोकरेज ने कहा, "भारतीय अर्थव्यस्था में ग्रोथ के अनुमान मजबूत है। इससे मध्ययम अवधि में वैल्यूएशन को सपोर्ट मिलना चाहिए। साथ ही मैक्रोइकोनॉमिक्स लेवल पर स्थिरता से खपत और निवेश बढ़ना चाहिए।"
दरअसल बाजार के वैल्यूएशन को लेकर ब्रोकरेज फर्मों के बीच मतभेद देखे जा रहे हैं। कुछ एनालिस्टों का मानना है कि बाजार में अभी और ऊपर जाने की गुंजाइश है जबकि कुछ एनालिस्ट इसे लेकर आशंकित हैं और उनका कहना है कि बाजार में भारी करेक्शन आ सकता है।
BNP Paribas के एनालिस्टों का कहना है कि महामारी की दूसरी लहर के बाद ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) की तेज बढ़ोतरी और ट्रैवल से जुड़ी बंदिशें हटने से रोजगार के कोरोना-पूर्व स्तर पर पहुंचने से खपत में खासी तेजी आने की संभावना बनती है। खपत में बढ़ोतरी से कंपनियों की आय में इजाफा होगा और यह अंत में सेंसेक्स को ऊपर ले जाएगा।
हालांकि इस बीच एक चिंता यह भी बनी हुई है कि खपत बढ़ने के बावजूद कंपनियों की तरफ से निवेश नहीं बढ़ रहा है। BNP Paribas के एनालिस्टों ने कहा कि इस स्थिति में ऐसा लगता है कि एक दशक के लंबे अंतराल के बाद भारतीय कैपिटल एक्सपेंडिचर साइकल अब "एक टिकाऊ रिकवरी के मुहाने पर" खड़ा है।
विश्लेषकों ने डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत को भी लेकर आशंकाएं जताई हैं। हालांकि, BNP Paribas ने कहा कि कच्चे तेल में आए सुधार और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार से समर्थन मिलेगा।