Marico Share Price: बुधवार 26 मार्च को मैरिको के शेयर फोकस में रहने वाले हैं, क्योंकि मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर अपनी "खरीदें" रेटिंग की पुष्टि करते हुए इसके लिए 775 रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है। ये टारगेट प्राइस इसमें 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की संभावना को दर्शाता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि FMCG दिग्गज पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन की दिशा में रणनीतिक कदम उठा रहा है। इससे FY25-27E के दौरान 11 प्रतिशत रेवन्यू CAGR और 13 प्रतिशत EBITDA CAGR का अनुमान लगाया जा रहा है। बता दें कि इस साल अब तक, मैरिको के शेयरों में 3 प्रतिशत की गिरावट आई है। ये बेंचमार्क निफ्टी 50 से कम है, जो केवल 0.3 प्रतिशत नीचे आया है।
मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषकों को मैरिको में वॉल्यूम विस्तार और प्राइसिंग रणनीतियों के संयोजन से लगातार डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है। उन्हें वित्त वर्ष 26 में डबल डिजिट की रेवन्यू ग्रोथ का एक दुर्लभ उदाहरण दिखाई दे रहा है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा, "नए जमाने के व्यवसायों से ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। फूड सेगमेंट में 20-25 प्रतिशत सीएजीआर की मजबूत ग्रोथ होने का अनुमान है, जबकि इनोवेशन पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है।"
पैराशूट कोकोनट ऑयल में 7 प्रतिशत की ग्रोथ की उम्मीद
मैरिको की प्रमुख पेशकशों में, पैराशूट कोकोनट ऑयल में स्थिर 5-7 प्रतिशत की ग्रोथ होने की उम्मीद है, जबकि सफोला फूड्स अगले 4-5 वर्षों के भीतर सफोला फ्रैंचाइज के रेवन्यू में 50 प्रतिशत से अधिक का योगदान करने की राह पर है। विश्लेषकों ने कहा, "हमें 15-20 प्रतिशत की मूल्य वृद्धि के बावजूद पैराशूट और सफोला की मांग बनी रहने की उम्मीद है।"
इस बीच, प्लिक्स और बियर्डो जैसे उभरते ब्रांड भी आशाजनक रूप से प्रगति कर रहे हैं। हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि बढ़ी हुई इनपुट लागत शॉर्ट टर्म में मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। लेकिन इसका लॉन्ग टर्म आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है।
तीसरी तिमाही में EBITDA और मुनाफे में दिखी वृद्धि
तीसरी तिमाही में, मैरिको ने कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ में सालाना 4.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 399 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि रेवन्यू 15 प्रतिशत बढ़कर 2,794 करोड़ रुपये हो गया। FMCG कंपनी को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अधिक सेल्स वॉल्यूम से लाभ हुआ, लेकिन बढ़ती इनपुट लागत के कारण मार्जिन कम्प्रेस्सन से जूझना पड़ा है।
गौरतलब बै कि मैरिको का EBITDA सालाना 4 प्रतिशत बढ़कर 533 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि EBITDA मार्जिन 210 बेसिस प्वाइंट की गिरावट के साथ 19.1 प्रतिशत पर आ गई। कंपनी के मुताबिक ये गिरावट कच्चे माल की बढ़ती लागत, खासकर कोपरा और वनस्पति तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण आई है।
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