मार्केट एनालिस्ट का मानना है कि बढ़ती कंज्यूमर लागत के कारण वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की रेवेन्यू ग्रोथ सुस्त रह सकती है। ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि पहली तिमाही में देश के 3 बड़े टेलिकॉम ऑपरेटर Reliance Jio Infocomm, Bharti Airtel और Vodafone Idea के रेवेन्यू में तिमाही दर तिमाही आधार पर 3-4 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global का कहना है कि पहली तिमाही में टेलीकॉम कंपनियों के नए उपभोक्ताओं में धीमी ग्रोथ की उम्मीद है। टेलीकॉम कंपनियों के प्रदर्शन पर बढ़ती महंगाई और यूजरों के कंसोलिडेशन का असर देखने को मिलेगा।
Emkay Global का कहना है कि अप्रैल महीने में स्मार्टफोन के शिपमेंट में गिरावट देखने को मिली है। इसके साथ ही चैनल इनवेंटरी काफी ऊंचे स्तर पर रही है। जिसको देखते हुए अनुमान है कि पहली तिमाही में कंपनियों के साथ नए सब्सक्राइबर जुड़ने के दर में सुस्ती रहेगी।
वहीं एक दूसरे ब्रोकरेज हाउस BNP Paribas (बीएनपी पारिबा) का कहना है कि टेलीकॉम इंडस्ट्री में अभी एक और टैरिफ हाइक की गुंजाइश है। बता दें कि कंपनियों ने इसके पहले नवंबर 2021 में अपनी टैरिफ बढ़ाई थी। BNP Paribas का कहना है कि इस बात की काफी संभावना है कि रिलायंस जियो इस साल के अंत तक अपने यूजर बेस का कंसोलिडेशन पूरा होने के जाने के बाद एक और टैरिफ हाइक कर सकती है।
मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि पहली तिमाही में नए सब्सक्राइबरों की संख्या में 40-50 लाख से ज्यादा की बढ़त की उम्मीद नहीं है। इस अवधि Bharti Airtel और Reliance Jio के सब्सक्राइबर में बढ़ोतरी की संभावना है। वहीं Vodafone Idea सब्सक्राइबर घटने की संभावना है।
वहीं ICICI Securities का मानना है कि पहली तिमाही में इन 3 टेलीकॉम ऑपरेटरों के ARPU में 2-4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसमें भी Bharti Airtel के ARPU में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद है और यह 184 रुपये प्रति यूजर प्रति मंथ रह सकती है।
मार्केट एनालिस्ट का अनुमान है कि पहली तिमाही में भारती एयरटेल के इंडियन मोबाइल कारोबार के रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 4.5 फीसदी की बढ़त की उम्मीद है। वहीं इसकी ARPU में इस अवधि में 4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसी तरह जियो के रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 3.3 फीसदी और ARPU में 4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
जानकारों का मानना है कि पहली तिमाही में मुश्किलों से जूझ रही वोडाफोन आइडिया को 6500 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा हो सकता है। हालांकि इसके ARPU में 3-4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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