शेयर बाजार (Stock Markets) शुक्रवार 15 दिसंबर को भी अपनी जबर्दस्त तेजी बरकरार रखते हुए नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए। बीएसई सेंसेक्स ने पहली बार 71,000 का लेवल क्रॉस किया। एनएसई निफ्टी भी नए हाई को टच कर गया। इससे शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की पूंजी 2 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। वैश्विक बाजार में सकारात्मक रुख और विदेशी निवेशकों की ओर से निवेश जारी रहने से घरेलू बाजार में तेजी आई। बीएसई का 30 शेयर वाला सूचकांक सेंसेक्स सुबह 70,804.13 पर खुला। कुछ ही देर के अदंर यह 569.88 पॉइंट्स उछलकर 71,084.08 के नए हाई पर पहुंच गया। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (m-cap) शुरुआती कारोबार में 357 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया।
उसके बाद दिन के दौरान Sensex ने 71,605.76 का लेवल भी छुआ। इससे दिन के दौरान निवेशकों की पूंजी में इजाफे का आंकड़ा 2.78 लाख करोड़ रुपये हो गया और बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का m-cap 357.80 लाख करोड़ रुपये के नए हाई पर पहुंच गया। ट्रेडिंग खत्म होने पर सेंसेक्स 969.55 पॉइंट्स की बढ़त के साथ 71,483.75 पर सेटल हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, HCL Technologies, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, NTPC के शेयर सबसे ज्यादा फायदे में रहे। नेस्ले, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक आईटीसी के शेयरों को नुकसान हुआ। एक दिन पहले सेंसेक्स 70,514.20 पर बंद हुआ था और 11 दिसंबर को इसने पहली बार 70,000 के स्तर को पार किया था।
एनएसई निफ्टी की बात करें तो यह इंडेक्स सुबह 21,287.45 पर खुला और फिर 21,355.65 के नए हाई पर पहुंचा। इसके बाद इसने फिर से उड़ान भरी और 21,492.30 के मार्क को छू लिया। कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 273.95 पॉइंट्स की मजबूती के साथ 21,456.65 पर सेटल हुआ। एनएसई पर एचसीएल टेक्नोलोजिज, टीसीएस, इंफोसिस, एसबीआई और टाटा स्टील टॉप गेनर्स रहे। वहीं एचडीएफसी लाइफ, नेस्ले इंडिया, भारती एयरटेल, एसबीआई लाइफ और बजाज ऑटो टॉप लूजर्स रहे। 14 दिसंबर को निफ्टी 21,182.70 पर बंद हुआ था। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 14 दिसंबर को 3,570.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
2024 के लिए ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नरम रुख ने बाजारों को एक और बूस्ट दिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने साल 2024 में कई रेट कट होने का संकेत दिया है। इससे बैंकिंग और आईटी सेक्टर उछाल पर हैं क्योंकि उन्हें डिमांड में रिकवरी की उम्मीद है। घरेलू शेयर बाजारों के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट्स में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। इससे पहले घरेलू शेयर बाजारों को रेपो रेट में कोई बदलाव न किए जाने से किक मिली थी।