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Budget 2026-27: टैक्स में राहत से क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स में ट्राजेक्शंस का बढ़ेगा वॉल्यूम

FY25 में क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजेक्शंस की वैल्यू 51,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रही। यह एक साल पहले के मुकाबले 41 फीसदी ज्यादा है। इससे टीडीएस कलेक्शन 511.8 करोड़ पहुंच गया। यह इस बात का संकेत है कि वीडीए अब इंडियन फाइनेंशियल मार्केट का एक बड़ा सेगमेंट बन गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 31, 2026 पर 10:16 PM
Budget 2026-27: टैक्स में राहत से क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स में ट्राजेक्शंस का बढ़ेगा वॉल्यूम
वीडीए से हुए प्रॉफिट पर 30 फीसदी फ्लैट रेट से टैक्स लगता है। किसी तरह के डिडक्शन या लॉस को कैरी-फॉरवर्ड करने की इजाजत नहीं है।

फाइनेंस एक्ट, 2022 इंडिया के टैक्स पॉलिसी फ्रेमवर्क के लिए खास है। इसके जरिए क्रिप्टोकरेंसी और दूसरे डिजिटल एसेट्स को टैक्स के तहत लाया गया। टैक्सेशन के लिहजा से ऐसे एसेट्स को वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (वीडीए) कहा जाता है। वित्तमंत्री निर्मला सीतामरण ने अपने 2022 के अपने बजट भाषण में कहा डिजिटल एसेट्स में बढ़ते ट्रांजेक्शंस को देखते हुए एक अलग टैक्स फ्रेमवर्क पेश करना जरूरी हो गया है।

संसद में पेश डेटा के मुताबिक, FY25 में क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजेक्शंस की वैल्यू 51,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रही। यह एक साल पहले के मुकाबले 41 फीसदी ज्यादा है। इससे टीडीएस कलेक्शन 511.8 करोड़ पहुंच गया। यह इस बात का संकेत है कि वीडीए अब इंडियन फाइनेंशियल मार्केट का एक बड़ा सेगमेंट बन गया है।

इसके बावजूद वीडीए को लेकर नियम और कानून स्पष्ट नहीं हैं। 2022 में पेश टैक्स फ्रेमवर्क काफी सख्त है। वीडीए से हुए प्रॉफिट पर 30 फीसदी फ्लैट रेट से टैक्स लगता है। किसी तरह के डिडक्शन या लॉस को कैरी-फॉरवर्ड करने की इजाजत नहीं है। टैक्स के इस सख्त नियम और रेगुलेटरी अनिश्चितता की वह ट्रेडिंग वॉल्यूम विदेश स्थित एक्सचेंजों की तरफ शिफ्ट हो रहा है।

सरकार ने वीडीए ट्रांजेक्शंस के मामले में कंप्लायंस बढ़ाने और पारदर्शिता के लिए कई कदम उठाए हैं। वर्चुअल एसेट सर्विस देने वालों को फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट के साथ खुद को रजिस्टर कराना पड़ता है। साथ ही सख्त KYC और एंटी-मनी लाउंड्रिंग के नियमों का पालन करना पड़ता है। यूनियन बजट 2025 में वीडीए ट्रांजेक्शंस के लिए रिपोर्टिंग नियमों का और विस्तार किया गया।

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