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Budget 2026 Expectations: Defence Sector को बजट से तगड़ी उम्मीदें, लेकिन इस बात पर अधिक जोर की सिफारिश

Budget 2026 Expectations for Defence Sector: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इस रविवार 1 फरवरी को रिकॉर्ड लगातार नवें बार देश का बजट पेश करेंगी। इस बजट में डिफेंस सेक्टर को लेकर क्या ऐलान होता है, इस पर नजर रहेगी क्योंकि वैश्विक महाशक्ति बनने के लक्ष्य को लेकर यह लॉन्ग-टर्म थीम बना हुआ है। जानिए कि बजट सेक्टर की उम्मीदों को लेकर जानकारों का क्या कहना है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 30, 2026 पर 10:58 AM
Budget 2026 Expectations: Defence Sector  को बजट से तगड़ी उम्मीदें, लेकिन इस बात पर अधिक जोर की सिफारिश
Budget 2026 Expectations for Defence Sector: पिछले साल 2025 के बजट में डिफेंस सेक्टर का आवंटन 9.5% बढ़कर ₹6.81 लाख करोड़ किया गया था। अब इस साल भी डिफेंस सेक्टर के आवंटन में बढ़ोतरी का इंतजार है।

Budget 2026 Expectations for Defence Sector: भारत के ग्लोबल सुपरपावर यानी वैश्विक महाशक्ति बनने की प्रक्रिया में डिफेंस सेक्टर लॉन्ग-टर्म थीम बना हुआ है। पिछले साल के बजट से निफ्टी डिफेंस (Nifty Defence) इंडेक्स 21% से ऊपर चढ़ा है। इसे मेक इन इंडिया (Make in India) पर सरकार के फोकस और स्वदेशी पर सरकार के फोकस के साथ-साथ दुनिया भर में बढ़ते तनाव से सपोर्ट मिला। पिछले साल 2025 के बजट में डिफेंस सेक्टर का आवंटन 9.5% बढ़कर ₹6.81 लाख करोड़ किया गया था। अब इस साल भी डिफेंस सेक्टर के आवंटन में बढ़ोतरी का इंतजार है। हालांकि मौजूदा जियो-पॉलिटिकल माहौल में जानकारों का रुझान इसे लेकर मिला-जुला है।

Budget 2026 Expectations for Defence Sector: क्या हैं उम्मीदें?

पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल एसएल नरसिम्हन का मानना है कि डिफेंस बजट में इस बार 7-12% की बढ़ोतरी हो सकती है जैसा कि पिछले कुछ वर्षों में रुझान रहा है। डिफेंस एनालिस्ट संकेत कुलकर्णी का भी ऐसा मानना है। वर्ष 2020 के बजट से डिफेंस पर खर्च 40% बढ़ चुका है और सालाना आधार पर पिछले पांच वर्षों में इसमें करीब 9.2% की ग्रोथ रही है। नरसिम्हन का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर का डिफेंस बजट के आवंटन पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है क्योंकि अगर ऐसा होता, तो वर्ष 2020 के बाद बजट में बहुत बड़ी बढ़ोतरी दिखनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनका कहना है कि एक-दो बजट से ये चीजें तय नहीं होतीं। हालांकि इसके बावजूद डिफेंस सेक्टर को लेकर मार्केट सेंटिमेंट मजबूत बना हुआ है। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते 25 अप्रैल से 14 मई के बीच डिफेंस स्टॉक्स का मार्केट कैप ₹1.2 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया था।

वहीं दूसरी तरफ पूर्व डिफेंस सेक्रेटरी गिरधर अरमाने का मानना है कि मौजूदा जियोपॉलिटिकल टेंशन और इंवेंटरीज को फिर से भरने की जरूरतों को देखते हुए इसमें 20-25% की बढ़ोतरी हो सकती है। उनका कहना है कि हालिया वर्षों में दिए गए कई बड़े ऑर्डर्स का अब पेमेंट होना है तो आपातकालीन खरीदारी और नई टेक्नोलॉजीज में निवेश से भी खर्च बढ़ने की संभावना है।

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