Budget 2026 impact : सोमवार के कारोबार में डिफेंस कंपनियों के शेयर 5 परसेंट तक गिर गए हैं। ब्रोकरेज फर्मों ने यूनियन बजट में कैपिटल खर्च के लिए ज़्यादा पैसे दिए जाने के बावजूद इस सेक्टर के लिए बड़ी पॉलिसी घोषणाओं की कमी का हवाला देते हुए निराशा जाहिर की है। इसके चलते निफ्टी डिफेंस इंडेक्स 1.76 फीसदी नीचे करोबार कर रहा है। 1 फरवरी को भी इसमें करीब 5.6 फीसदी गिरावट देखने को मिली थी। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स करीब 3 फीसदी टूटा है। भारत डायनेमिक्स लगभग 6 फीसदी नीचे नजर आ रहा है। जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 0.33 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है। निफ्टी डिफेंस इंडेक्स के 18 में से 16 शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे है।
हालांकि,ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि डिफेंस पर ज्यादा कैपेक्स के एलान से मीडियम टर्म में ऑर्डर मिलने में मदद मिलेगी। केंद्रीय बजट में FY27 के लिए मेन डिफेंस कैपेक्स में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। कुल रक्षा बजट अब 7.6 लाख करोड़ रुपये हो गया है जो संशोधित अनुमान से 7 प्रतिशत ज़्यादा है।
सिटी ने कहा कि रक्षा और स्वदेशीकरण को लगातार प्राथमिकता देने से आगे कंपनियों के अच्छे ऑर्डर मिलने की संभावना है। लेकिन ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि डिफेंस शेयरों में तेज़ बढ़त के बाद शॉर्ट टर्म में इनकी तेजी पर ब्रेक लग सकता है।
नोमुरा का कहना है कि बजट में बड़े धमाकेदार उपायों की कमी रही। हालांकि, डिफेंस कैपेक्स में बढ़ोतरी को एक पॉजिटिव कदम है। CLSA ने कहा कि FY26 में मजबूत बढ़ोतरी के बाद,ऊंचे बेस पर डिफेंल खर्च में ग्रोथ धीमी होने की संभावना है। उसने कहा कि बड़े ऑर्डर का एग्जीक्यूशन और एक्सपोर्ट इस सेक्टर के लिए सपोर्टिव बने हुए हैं।
ब्रोकरेज ने कहा कि एडजस्टेडकैपेक्स में ग्रोथ FY27 में 10.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि FY26 में यह 6.2 प्रतिशत थी। ये काफी हद तक मार्केट की उम्मीद के मुताबिक है। ऊंचे बेस पर सेक्टर की ग्रोथ धीमी हो सकती है, जबकि रेलवे और रोड में कम बेस पर तेजी देखने को मिल सकती है।
CLSA ने यह भी बताया कि FY26 के लिए संशोधित रक्षा पूंजीगत खर्च 2.2 ट्रिलियन रुपये था, जबकि बजट अनुमान 1.8 ट्रिलियन रुपये था, और FY27 में रक्षा कैपेक्स में इस संशोधित बेस पर 5.2 प्रतिशत की धीमी ग्रोथ होने की उम्मीद है।
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