पहले कच्चे माल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और अब पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दाम। इसने कोरोना काल में MSME सेक्टर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई शहरों में डीजल 100 रुपये के पार चला गया है। यानी पिछले 6 महीने में प्रति लीटर 15 रुपये के करीब बढ़ोतरी। इसने इंडस्ट्री की फ्रेट इनपुट कॉस्ट में 30 परसेंट से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी है। मौजूदा हालात में डिमांड की कमी से जूझ रही इंडस्ट्री ने सरकार से तुरंत राहत की मांग की है।