Capital market stocks crash : यूनियन बजट में F&O पर नकेल कसने के लिए STT बढ़ाया गया, कैपिटल मार्केट के शेयर 15% टूटे

STT Hike : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर्स पर लागू STT को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने और ऑप्शंस पर STT को बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है। इसके चलते कैपिटल मार्केट शेयर 15 फीसदी तक टूटे हैं

अपडेटेड Feb 01, 2026 पर 1:50 PM
Story continues below Advertisement
STT Hike : ब्रोकरेज की कमाई के नज़रिए से STT में इस बदलाव का सीधा असर सीमित लगता है और नज़दीकी भविष्य में बिज़नेस मॉडल में इससे किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है

Capital market stocks crash : F&O ट्रेड की दीवानगी पर नकेल कसने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रांजैक्शन पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। फ्यूचर्स पर STT को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। साथ ही, ऑप्शंस प्रीमियम और ऑप्शंस एक्सरसाइज पर STT को बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। प्रीमियम पर मौजूदा STT 0.10 प्रतिशत है और ऑप्शंस एक्सरसाइज पर 0.125 प्रतिशत है।

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "मैं फ्यूचर्स पर STT को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव करती हूं। ऑप्शंस प्रीमियम और ऑप्शंस के इस्तेमाल पर STT को भी मौजूदा दर 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।"

इस घोषणा के बाद दोपहर 12:30 बजे BSE के शेयर लगभग 14 प्रतिशत गिर गए, ब्रोकरेज फर्म एंजेल वन और नुवामा के शेयर भी 10 प्रतिशत गिर गए, जबकि NSE कैपिटल मार्केट इंडेक्स 6 प्रतिशत नीचे आ गया।


बाजार को STT में कुछ बदलावों की उम्मीद थी। कैश मार्केट को सपोर्ट करने के लिए डेरिवेटिव ट्रेड पर टैक्स बढ़ाने की ज़रूरत थी। SEBI की स्टडी में यह भी सामने आया है कि 10 में से 9 इंडिविजुअल ट्रेडर F&O में नुकसान उठा रहे थे। इसको मद्देनजर रखते हुए F&O ट्रेड की दीवानगी पर नकेल कसने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रांजैक्शन पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

कोटक सिक्योरिटीज के MD और CEO श्रीपाल शाह ने कहा, "पिछले साल की बढ़ोतरी के बाद, फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT में फिर से भारी बढ़ोतरी से ट्रेडर्स, हेजर्स और आर्बिट्रेजर्स के लिए इम्पैक्ट कॉस्ट बढ़ने की संभावना है। इससे डेरिवेटिव एक्टिविटी कम हो सकती है और वॉल्यूम में कमी आ सकती है। ऐसा लगता है कि इसका मकसद रेवेन्यू बढ़ाने के बजाय वॉल्यूम को कंट्रोल करना है, क्योंकि रेवेन्यू में होने वाले किसी भी संभावित फायदे की भरपाई कम डेरिवेटिव वॉल्यूम से हो सकती है।"

ग्रीन पोर्टफोलियो PMS के को-फ़ाउंडर और फंड मैनेजर दिवम शर्मा ने कहा, "हालांकि सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी मामूली है, लेकिन यह पॉलिसी सोच की दिशा का संकेत देता है। इसका मकसद है अचानक दखल देने के बजाय सट्टेबाजी की एक्टिविटी पर कड़ी नज़र रखना।"

EMS Stocks in focus : FM ने बजट में 40000 करोड़ रुपये के खर्च का किया एलान, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्टॉक्स के लगे पंख

शर्मा ने आगे कहा कि ब्रोकरेज की कमाई के नज़रिए से STT में इस बदलाव का सीधा असर सीमित लगता है और नज़दीकी भविष्य में बिज़नेस मॉडल में इससे किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। ज़्यादा ज़रूरी बात यह है कि सरकार डेरिवेटिव्स वॉल्यूम से आखिरकार कितना ज़्यादा टैक्स रेवेन्यू जेनरेट कर पाती है। यह आने वाली तिमाहियों के डेटा के बाद ही साफ़ हो पाएगा।

SEBI के जनवरी 2026 के बुलेटिन के मुताबिक दिसंबर 2025 में इक्विटी डेरिवेटिव्स मार्केट में गिरावट देखी गई। NSE और BSE दोनों में इक्विटी फ्यूचर्स और ऑप्शंस प्रीमियम के एवरेज डेली टर्नओवर (ADT) में 11 प्रतिशत और 8 प्रतिशत की गिरावट (महीने-दर-महीने) आई। हालांकि, सालाना आधार (दिसंबर 2024 की तुलना में) पर ऑप्शंस प्रीमियम के लिए ADT में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि इक्विटी फ्यूचर्स के लिए ADT में 5 प्रतिशत की गिरावट आई।

 

Budget 2026 Live: भारत का ₹55 लाख करोड़ का बजट, इसमें से निर्मला सीतारमण ने आपको क्या दिया?

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।