यह मार्केट में निवेश बनाए रखने का बेस्ट टाइम है, जानिए कैपिटल माइंड के दीपक शेनॉय ने ऐसा क्यों कहा

कैपिटल माइंड फाइनेंशियल सर्विसेज के फाउंडर और सीईओ दीपक शेनॉय ने कहा कि इस साल की शुरुआत से ही बेयर मार्केट का अनुमान जताया जा रहा है। लेकिन, मार्केट में लगातार तेजी दिखी है। 2024 में सेंसेक्स अब तक करीब 16 फीसदी चढ़ चुका है। इस दौरान मिडकैप इंडेक्स और स्मॉलकैप इंडेक्स में दोनों 30 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं

अपडेटेड Sep 16, 2024 पर 5:21 PM
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दीपक शेनॉय ने कहा कि Nifty 50 का प्राइस-टू-अर्निंग्स (PE) रेशियो उसके लॉन्ग टर्म औसत के करीब है।

स्टॉक मार्केट्स की ज्यादा वैल्यूएशन को लेकर चिंता बढ़ रही है। कई इनवेस्टर्स स्टॉक्स की मौजूदा कीमतों पर निवेश करने से कतरा रहे हैं। इस बीच, कैपिटल माइंड फाइनेंशियल सर्विसेज के फाउंडर और सीईओ दीपक शेनॉय का कहना है कि शेयरों की बढ़ती कीमतों के चलते अगर आपने कैश अपने पास रखा है तो यह बड़ा रिस्क है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने स्टॉक मार्केट्स के बारे में कई अहम बातें बताईं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मार्केट की मौजूदा वैल्यूएशन से कोई दिक्कत नहीं है।

2024 में सेंसेक्स 16 फीसदी चढ़ा है

शेनॉय ने कहा कि अगर सबका यह मानना है कि मार्केट में गिरावट आने वाली है तो इसकी उम्मीद नहीं दिखती। इस साल की शुरुआत से ही बेयर मार्केट के अनुमान जताए जा रहे हैं। लेकिन, मार्केट की चाल इसके उलट रही है। 2024 में सेंसेक्स अब तक करीब 16 फीसदी चढ़ चुका है। इस दौरान मिडकैप इंडेक्स और स्मॉलकैप इंडेक्स में दोनों 30 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। डेटा बताते हैं कि Nifty 50 का प्राइस-टू-अर्निंग्स (PE) रेशियो उसके लॉन्ग टर्म औसत के करीब है। मिड और स्मॉलकैप सूचकांकों का औसत उनके लंबी अवधि के औसत से ज्यादा है।


मार्केट में 10 फीसदी गिरावट आने पर ही कैश पर फोकस

मार्केट में गिरावट के अनुमान के बारे में उन्होंने कहा कि कभी न कभी बेयर मार्केट की शुरुआत होगी। लेकिन, अगर उससे पहले मार्केट के प्रमुख सूचकांक दोगुना हो जाते हैं तो क्या होगा? उन्होंने कहा, "यही वजह है कि हम एक सिद्धांत का पालन करते हैं-हम अनुमान नहीं लगाते हैं स्थिति के हिसाब से कदम उठाते हैं।" उन्होंने कहा कि वह कैश में पैसा शिफ्ट करने का फैसला तब लेंगे जब मार्केट 10 फीसदी गिरेगा। 20 फीसदी गिरने पर हम कैश अपने पास रखने पर जोर देंगे।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कैश होल्डिंग बढ़ी है

शेनॉय ने कहा कि उनके पास कुछ कैश है, क्योंकि निवेस्टर्स से पैसे आ रहे हैं। लेकिन, वह इस पैसे को बहुत जल्द निवेश करेंगे। उनकी यह सोच कुछ दूसरी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) से अलग है, जो पिछले तीन महीनों से कैश बढ़ा रही हैं। प्राइम म्यूचुअल फंड डेटाबेस की जानकारी के मुताबिक, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की औसत कैश होल्डिंग अगस्त के अंत में 5.51 फीसदी थी। यह जुलाई में 4.78 और जून में 4.36 फीसदी थी।

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मार्केट गिरने पर सभी निवेशकों पर पड़ेगा असर

शेनॉय ने कहा, "इंडस्ट्री के कुछ बड़े लोगों के पास 15-20 फीसदी कैश है। मार्केट में उनका प्रदर्शन कमजोर है। अगर मार्केट 10 फीसदी चढ़ता है तो वे पीछे रह जाएंगे। अगर मार्केट 10 फीसदी गिरता है तो उनका पैसा भी डूबेगा, क्योंकि अब भी उनका 80-85 फीसदी पैसा शेयरसों में लगा है। कैश रखने के बारे में फैसला लेना बहुत मुश्किल है।"

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