Icra रेटिंग ने गुरुवार को आई अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि मध्य दिसंबर से इंफ्रा स्ट्रक्चर से जुड़ी गतिविधियों में आनेवाली तेज बढ़त और मजबूत ग्रामीण मांग की वजह से वित्त वर्ष 2022 में सीमेंट का उत्पादन 12 फीसदी बढ़ेगा। मॉनसून में उथल-पुथल की वजह से नवंबर में आई गिरावट के बाद अब हमें सीमेंट उत्पादन में तेज बढ़त देखने को मिलेगी।
उत्पादन में इस बढ़त को पिछले साल के लो बेस इफेक्ट से भी सपोर्ट मिलेगा। गौरतलब है कि पिछले वर्ष इस अवधि में कोरोना महामारी के कारण सीमेंट का उत्पादन स्तर बहुत कम रहा था।
वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर ऑल इंडिया सीमेंट प्रोडक्शन में 22 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है जबकि वित्त वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही के प्री कोविड लेवल से 10 फीसदी की बढ़त देखने को मिली । सीमेंट प्रोडक्शन हाउसिंग सेगमेंट से बढ़ती मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर में आ रही तेजी का फायदा मिला है।
Icra ने अपनी इस रिपोर्ट में आगे कहा है कि वित्त वर्ष 2022 के 7 महीनों सीमेंट का उत्पादन प्री-कोविड लेवल से 5 फीसदी ज्यादा रहा है हालांकि इनपुट कास्ट में हुई बढ़ोतरी के कारण सीमेंट कंपनियों के मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है।
Icra के इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में कच्चे माल, ईंधन, भाड़े जैसे इनपुट कास्ट में क्रमश: 16 फीसदी, 26 फीसदी और 7 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसी तरह कोयले की कीमतों में सालाना आधार पर 103 फीसदी और पेट कोक की कीमतों में 81 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इन सबका असर सीमेंट कंपनियों के मार्जिन पर दबाव के रुप में देखने को मिलेगा।
इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल में लागत के मोर्चे पर मिली कुछ राहत के बावजूद नियर टर्म में इनके उच्च लेवल पर बने रहने की संभावना है। जिससे सीमेंट कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव देखने को मिलेगा। वित्त वर्ष 2022 में सीमेंट कंपनियों के मार्जिन में 200-230 बेसिस प्वाइंट की गिरावट देखने को मिल सकती है। इसी तरह पिछले साल की तुलना में कैपिसिटी एडीशन में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।