Central Bank of India के शेयर में भारी बिकवाली, 12% तक लुढ़का

Central Bank of India Share Price: पब्लिक सेक्टर के इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक भी हाल ही में QIP लाए थे। इनके शेयरों में भी गिरावट है। एनालिस्ट्स का कहना है कि निवेशक पूरे सेक्टर में क्रेडिट क्वालिटी, अर्निंग्स विजिबिलिटी और एसेट क्वालिटी के मुद्दों पर चिंताओं के बीच अपनी पोजिशन को रीइवैल्यूएट करते दिख रहे हैं

अपडेटेड Apr 02, 2025 पर 6:55 PM
Story continues below Advertisement
Central Bank of India के QIP में लगभग 1500 करोड़ रुपये के शेयर अलॉट किए गए।

Central Bank of India Stock Price: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में 2 अप्रैल को दिन में लगभग 12 प्रतिशत तक की गिरावट आई। BSE पर कीमत 36.46 रुपये के लो तक गई। कारोबार बंद होने पर शेयर लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 36.88 रुपये पर बंद हुआ। बैंक हाल ही में अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लेकर आया था। यह 24 मार्च को खुला और 27 मार्च को बंद हो गया। 28 मार्च को बैंक के बोर्ड की कैपिटल रेजिंग कमेटी ने पात्र क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 40.49 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर 37,04,61,842 इक्विटी शेयरों के अलॉटमेंट को मंजूरी दी। इस तरह QIP में लगभग 1500 करोड़ रुपये के शेयर अलॉट किए गए।

Central Bank of India में 28 मार्च 2025 तक सरकार के पास 89.27 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसका मार्केट कैप 33300 करोड़ रुपये है। शेयर साल 2025 में अभी तक 31 प्रतिशत और पिछले एक सप्ताह में 14 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 72.99 रुपये 3 जून 2024 को देखा गया था। 52 सप्ताह का निचला स्तर 36.46 रुपये 2 अप्रैल 2025 को दर्ज किया गया।

PSU बैंक शेयरों में क्यों दिख रही गिरावट


पब्लिक सेक्टर के इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक भी हाल ही में QIP लाए थे। इनके शेयरों में भी गिरावट है। एनालिस्ट्स का कहना है कि निवेशक पूरे सेक्टर में क्रेडिट क्वालिटी, अर्निंग्स विजिबिलिटी और एसेट क्वालिटी के मुद्दों पर चिंताओं के बीच अपनी पोजिशन को रीइवैल्यूएट करते दिख रहे हैं।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च हेड अजीत मिश्रा का मानना है, "बाजार अब उन अग्रणी बैंकों पर फोकस कर रहे हैं, जो क्रेडिट और जमा वृद्धि में मिसमैच जैसी चुनौतियों को मैनेज कर सकते हैं। वहीं निवेशक अपना फोकस खराब प्रदर्शन करने वालों से हटा रहे हैं। पीएसयू बैंकों के मामले में, वोडाफोन जैसी एंटिटीज को दिए गए भारी कर्ज और उसके बाद कुछ हद तक इक्विटी कनवर्जन ने बिक्री के दबाव को बढ़ा दिया है।"

ट्रंप आज करेंगे टैरिफ का ऐलान, इन फार्मा कंपनियों के शेयरों पर आ सकती है आफत

बाजार विशेषज्ञ क्रांति बथानी के मुताबिक, "पीएसयू बैंक शेयरों में लंबे समय तक गिरावट मुख्य रूप से आय स्थिरता और बैंकों की बैलेंस शीट पर इन क्यूआईपी के असर को लेकर निवेशकों के डर से प्रेरित है। यह ट्रेंड दर्शाता है कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स तेजी से सिलेक्टिव होते जा रहे हैं, और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर ग्रोथ ट्राजेक्टरी वाले बैंकों का पक्ष ले रहे हैं।"

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।