ये चाय बड़ी दिलचस्प चीज है। चाय प्रतीक है दोस्ती का, मानसम्मान का, दिल की बातें करने का। जब किसी विषय या मुद्दे से प्यार हो तो उसकी चर्चा करते हुए चाय की चुस्कियां लगाई जाती हैं इसे ही कहते हैं चाय पर चर्चा। इस वक्त देश में सियासी माहौल गरम है। आप जहां भी नजरें घुमाएंगे चाय की गुमटी पर राजनीति के सुलगते मुद्दों लोग चर्चा करते मिल जाएंगे।
कुछ वक्त पहले इससे ही क्लू लेते हुए सीएनबीसी-आवाज़ ने भी चाय पर चर्चा प्रोग्राम शुरू किया था। अब दर्शकों की भारी डिमांड पर इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। इस शो में बाजार, राजनीति और देश के सुलगते मुद्दों की चर्चा होगी। तो तैयार हो जाइए आवाज़ की टीम के साथ गरमा-गरम चाय के साथ चटपटी चर्चा के लिए। इस चर्चा में जुड़ रहे हैं आवाज़ के कंसल्टिंग एडिटर शैलेंद्र भटनागर, हेमंत घई, नीरज वाजपेयी और विरेंद्र कुमार।
बाजार में अभी की सबसे बड़ी खबर है रुपया। रुपये की मजबूती लगातार बढ़ती जा रही है। डॉलर की कीमत 69 रुपये के काफी नीचे आ गई है। रुपया पिछले 7 महीने के ऊपरी स्तर पर है। इस साल के निचले स्तर से रुपये में 4 फीसदी की मजबूती आ चुकी है। फरवरी में व्यापार घाटे में कमी आई है। वहीं कल से 2 दिनों के लिए एफओएमसी की बैठक होने वाली है। इससे पहले अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग के लगातार दूसरे महीने कमजोर आंकड़े आए हैं। ऐसे में डॉलर कमजोर पड़ गया है जिससे रुपये को चौतरफा सपोर्ट मिला है।
माइंडट्री को लेकर कब्जे की लड़ाई शुरू हो गई है। एक तरफ तो एलएंडटी कंपनी पर अपना कब्जा चाहती है तो दूसरी तरफ प्रोमोटर एलएंडटी के टेकओवर को रोकना चाहती है। बता दें कि एलएंडटी की माइंडट्री में हिस्सा खरीदने की तैयारी है। एक प्रोमोटर वी जी सिद्धार्थ अपना हिस्सा बेच सकते हैं। एलएंडटी की आज होने वाली बोर्ड बैठक में फैसला संभव है। एलएंडटी 981 रुपये प्रति शेयर के भाव पर शेयर खरीद सकता है। दूसरे प्रोमोटर एलएंडटी के हिस्सा खरीदने के खिलाफ हैं। दूसरे प्रोमोटर्स की बायबैक लाने की तैयारी है। माइंडट्री बोर्ड 20 मार्च को बायबैक पर विचार करेगा। माइंडट्री को एलएंडटी के टेकओवर से बचाने के लिए बायबैक लाया जा रहा है।
राजनीति की बात करें तो बिहार में एनडीए ने सीटों के बंटवारे का एलान कर दिया है। बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे जबकि लोक जनशक्ति पार्टी 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बीजेपी के हिस्से में आई सीटों में पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम और औरंगाबाद शामिल हैं। वहीं जेडीयू किशनगंज, पूर्णिया, मधेपुरा, कटिहार, मुंगेर, नालंदा और गया जैसी मुख्य सीटों पर चुनाव लड़ेगी। एलजेपी को चुनाव लड़ने के लिए मिली 6 सीटों में वैशाली, हाजीपुर, समस्तीपुर, खगड़िया, जमुई और नवादा शामिल हैं। आपको बता दें कि 2014 लोक सभा चुनाव में बीजेपी ने 22 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि एलजेपी ने 6 और जेडीयू ने 2 सीटों पर जनमत हासिल किया था।