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चीन ने विदेशी व्यापार को लेकर बदला कानून, ट्रेड वॉर लड़ने की ताकत बढ़ा रहा ड्रैगन

चीन ने बढ़ते ग्लोबल दबावों और बदलते कारोबारी हालात के बीच अपने विदेशी व्यापार कानून में अहम बदलावों को मंजूरी दी है। 27 दिसंबर को पारित किए गए इन बदलावों का मकसद चीन की ट्रेड वॉर लड़ने की क्षमता को मजबूत करना, रणनीतिक खनिजों जैसे संवेदनशील उत्पादों के एक्सपोर्ट पर नियंत्रण बढ़ाना और अपनी करीब 19 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को और ज्यादा खोलना है

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Dec 27, 2025 पर 5:35 PM
चीन ने विदेशी व्यापार को लेकर बदला कानून, ट्रेड वॉर लड़ने की ताकत बढ़ा रहा ड्रैगन
चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, ये नए बदलाव 1 मार्च 2026 से लागू होंगे

चीन ने बढ़ते ग्लोबल दबावों और बदलते कारोबारी हालात के बीच अपने विदेशी व्यापार कानून में अहम बदलावों को मंजूरी दी है। 27 दिसंबर को पारित किए गए इन बदलावों का मकसद चीन की ट्रेड वॉर लड़ने की क्षमता को मजबूत करना, रणनीतिक खनिजों जैसे संवेदनशील उत्पादों के एक्सपोर्ट पर नियंत्रण बढ़ाना और अपनी करीब 19 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को और ज्यादा खोलना है।

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, ये नए बदलाव 1 मार्च 2026 से लागू होंगे। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब चीन अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने और ग्लोबल व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन अपने व्यापार से जुड़े कानूनों में बदलाव इसलिए भी कर रहा है, ताकि वह ट्रांस-पैसिफिक क्षेत्र के एक बड़े व्यापार समूह में शामिल होने के योग्य बन सके। यह समूह चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए बनाया गया था। बीजिंग की कोशिश है कि वह यह साबित कर सके कि वह इस व्यापार मंच का हिस्सा बनने के लायक है।

चीन ने विदेशी व्यापार कानून को पहली बार 1994 में बनाया था और 2001 में उसके वर्ल्ड ट्रेड अर्गनाइजेशन (WTO) में शामिल होने के बाद इसमें तीन बार संशोधन हो चुके हैं। आखिरी बार 2022 में इसमें बदलाव किया गया था। यह कानून चीन को उन देशों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार देता है, जो उसके निर्यात पर रोक लगाने की कोशिश करते हैं। इसके तहत ‘नेगेटिव लिस्ट’ जैसे उपायों के जरिए कुछ प्रतिबंधित क्षेत्रों को विदेशी कंपनियों के लिए खोला जा सकता है।

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