भारतीय निवेशकों पर इस समय ऐसा लग रहा है, जैसे मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है। यहां तक कि SEBI भी उन दबाव बना रहा है और उनमें अनुशासन लाने के लिए F&O सेगमेंट पर शिंकजा कस रहा है। हालांकि फिलहाल यह बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात नहीं है। बाजार के लिए असल चिंता है मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव, जिसने क्रूड ऑयल के मार्केट में खलबली मचा दी है। साथ ही चीन भी एक नई चुनौती बनकर उभरा है। इस सबके बीच एक्सपर्ट्स को RBI में उम्मीद की किरण दिख रही है। क्या है यह उम्मीद और बाजार के सामने किस किस तरह के खतरे हैं, आइए जानते हैं
