सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India) के शेयरों में 28 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में 4.6 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। BSE पर भाव 473.90 रुपये के हाई तक गया। बाद में शेयर 3 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त के साथ 466.95 रुपये पर सेटल हुआ। एक दिन पहले कंपनी ने तिमाही नतीजे जारी किए थे, जिन पर बाजार ने मंगलवार को प्रतिक्रिया दी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान कोल इंडिया का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.1 प्रतिशत बढ़कर 10,839.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 9,751.64 करोड़ रुपये था।
महारत्न स्टेटस वाली कोल इंडिया का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर बढ़कर 46,490.03 करोड़ रुपये हो गया, जो मार्च 2025 तिमाही में 43,961.56 करोड़ रुपये था। खर्च बढ़कर 37,107.07 करोड़ रुपये के रहे, जबकि मार्च 2025 तिमाही में ये 34,999 करोड़ रुपये के थे।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कोल इंडिया का शुद्ध मुनाफा घटकर 31,094.29 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 35,505.79 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू घटकर 1,68,400.29 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 1,69,177.37 करोड़ रुपये था।
6 महीनों में 20 प्रतिशत चढ़ा Coal India का शेयर
कोल इंडिया का कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत और कोयले पर बेस्ड कुल बिजली उत्पादन में 75 प्रतिशत योगदान है। कंपनी कुल बिजली उत्पादन में 55 प्रतिशत का योगदान देती है और देश की प्राइमरी कमर्शियल एनर्जी की 40 प्रतिशत जरूरतों को पूरा करती है। कंपनी का मार्केट कैप 2.87 लाख करोड़ रुपये है। शेयर 6 महीनों में करीब 20 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में यह निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है।
कोल इंडिया के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 5.25 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मंजूर किया है। इस पर कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। इससे पहले कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए दो बार में 5.50 रुपये और 10.25 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।