Cochin Shipyard OFS: कोचीन शिपयार्ड के ऑफर फॉर सेल में सरकार को रिटेल इनवेस्टर्स से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। दो दिन के OFS के जरिए सरकार ने कोचीन शिपयार्ड में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी या 1.3 करोड़ शेयर बेचे। OFS की ओपनिंग बुधवार, 16 अक्टूबर को हुई और इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा ओवर सब्सक्राइब हुआ। रिटेल इनवेस्टर्स और कंपनी के कर्मचारियों के लिए OFS 17 अक्टूबर को खुला।
डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, “कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के OFS का दूसरा दिन खुदरा निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी के साथ खत्म हुआ। हम सभी निवेशकों को उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद देते हैं।”
सरकार को 2000 करोड़ मिलने का अनुमान
शेयर बिक्री से सरकारी खजाने को करीब 2,000 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। कोचीन शिपयार्ड में सरकार की फिलहाल 72.86 प्रतिशत हिस्सेदारी है। OFS के तहत 1,540 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर शेयर बिक्री की गई। इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की ओर से 1,900 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं। उन्होंने कुल 59.19 लाख शेयरों की पेशकश के मुकाबले 1.28 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई।
सरकार ने बेस साइज के तहत कोचीन शिपयार्ड के OFS में 2.5 प्रतिशत इक्विटी या 65.77 लाख शेयरों की बिक्री का प्लान किया था। साथ ही ज्यादा बोलियां आने पर अतिरिक्त 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी रखा था।
एक साल में शेयर ने दिया 200% रिटर्न
कोचीन शिपयार्ड के शेयर की कीमत बीएसई पर 18 अक्टूबर को 1564.35 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 41100 करोड़ रुपये है। शेयर ने पिछले एक साल में 200 प्रतिशत और साल 2024 में अब तक 129 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है। तीन महीनों में शेयर की कीमत 40 प्रतिशत नीचे आई है।