क्रूड ऑयल में उछाल का असर 27 मार्च को कई शेयरों पर दिखा। इनमें इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स और इटर्नल शामिल हैं। इन कंपनियों के शेयरों में 3 फीसदी तक गिरावट आई। क्रूड की कीमतों में उछाल दिखा है। 27 मार्च को ब्रेंट क्रूड का भाव 109 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया। इसका असर उन कंपनियों के शेयरों पर पड़ा जिनके उत्पादन में क्रूड ऑयल का इस्तेमाल होता है।
महंगे क्रूड से एयरलाइंस कंपनियों के मार्जिन पर असर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड ऑयल में उछाल से उन कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ जाएगी, जो बतौर रॉ मैटेरियल इसका इस्तेमाल करती हैं। साथ ही एयरलाइंस कंपनियों के मार्जिन पर भी इसका असर पड़ेगा। 27 मार्च को 12:45 बजे InterGlobe Aviation का शेयर 4.17 फीसदी गिरकर 4,115 रुपये पर चल रहा था। SpiceJet के शेयरों में भी बड़ी गिरावट दिखी। यह शेयर 4.92 फीसदी लुढ़ककर 10.25 रुपये पर चल रहा था।
टायर कंपनियों के शेयरों में भी बड़ी गिरावट
टायर कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। इनमें जेके टायर्स और अपोलो टायर्स शामिल थे। JK Tyre का शेयर 1.68 फीसदी गिरकर 400.25 रुपये पर चल रहा था। Apollo Tyres का शेयर 1.52 फीसदी की कमजोरी के साथ 413 रुपये पर चल रहा था। पेंट कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। इनमें एशियन पेंट्स, बर्जर पेंट्स और एग्जो नोबेल शामिल थे। Asian Paints का शेयर 1.56 फीसदी गिरकर 2,234 रुपये पर चल रहा था। Eternal का शेयर 1.94 फीसदी गिरकर 237 रुपये पर चल रहा था।
महंगा क्रूड ऑयल बढ़ा सकता है महंगाई
लिवलॉन्ग वेल्थ के रिसर्च एनालिस्ट और फाउंडर हरिप्रसाद के ने कहा, "क्रूड की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गई हैं। इंडिया के लिए यह काफी मायने रखता है। हालांकि, इससे न सिर्फ भारत में बल्कि दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा है। लेकिन, भारत पर असर ज्यादा पड़ेगा, क्योंकि यह अपनी जरूरत का 85 से ज्यादा क्रूड इंपोर्ट करता है।" उन्होंने कहा कि अगर क्रूड की कीमतें 100-107 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी रहती हैं तो इससे इनफ्लेशन के साथ ही इकोनॉमी पर दूसरे तरह का दबाव बनेगा।
क्रूड में उछाल से शेयर बाजार क्रैश
शेयर बाजार में 27 मार्च को बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह क्रूड की कीमतों में उछाल माना जा रहा है। सेंकेस्स 1,224 अंक यानी 1.63 फीसदी गिरकर 74,049 पर आ गया था। निफ्टी भी 360 प्वाइंट्स यानी 1.55 फीसदी लुढ़कर 22,945 पर आ गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लड़ाई खत्म करने में दिलचस्पी दिखाई है। लेकिन, ईरान झुकने को तैयार नहीं है। इससे बाजार में अनिश्चितता है।
दो दिन की तेजी पर लगा ब्रेक
एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिकवरी के बावजूद बाजार का सेंटीमेंट कमजोर है। 24 मार्च और 25 मार्च को मार्केट में अच्छी रिकवरी दिखी थी। लेकिन, 26 मार्च को रामनवमी की छुट्टी के बाद 27 मार्च को जब बाजार खुला तो बिकवाली हावी हो गई। इससे प्रमुख सूचकांकों ने अपनी ज्यादातर बढ़त गंवा दी। बाजार में उतारचढ़ाव फिलहाल ज्यादा रहेगा। इसकी वजह यह है कि VIX India में 8 फीसदी उछाल आया है।