कमिंस इंडिया का प्रदर्शन चौथी तिमाही में मिलाजुला रहा। लेकिन, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। कंपनी विदेश में बिजनेस का डायवर्सिफिकेशन कर रही है। उसने कस्टमाइज्ड एक्सपोर्ट्स पर फोकस बढ़ाया है। इसके अलावा वह डेटा सेंटर्स और क्विक कॉमर्स जैसे न्यू-एज डोमेस्टिक सेगमेंट में एंट्री कर रही है। अभी कंपनी का कैपेसिटी यूटिलाइजेशन सिर्फ 65 फीसदी है। कंपनी को नया पूंजीगत खर्च नहीं करना है। पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता खत्म होने और कॉस्ट को कंट्रोल में रखने की कंपनी की कोशिश के भी नतीजे दिखेंगे। इससे इस वित्त वर्ष में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है।
