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Currency Market : सट्टेबाज़ी रोकने के लिए बैंकों की फॉरेक्स पोजिशन पर RBI का कैप, जानिए क्या होगा इसका असर

Currency Market : RBI ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि वे ऑनशोर डिलीवरेबल मार्केट में रुपये पर अपनी नेट ओपन पोज़िशन (NOP-INR) को 100 मिलियन डॉलर के अंदर सीमित रखें। बैंकों के लिए 10 अप्रैल तक इस निर्देश का पालन करना अनिवार्य है। अमूमन बैंकों को अपनी टियर-1 कैपिटल के 25 फीसदी तक नेट ओपन पोजिशन की इजाजत होती है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Mar 30, 2026 पर 11:06 AM
Currency Market : सट्टेबाज़ी रोकने के लिए बैंकों की फॉरेक्स पोजिशन पर RBI का कैप, जानिए क्या होगा इसका असर
Currency Market : अनुज सिंघल ने कहा कि RBI चाहता है कि रुपये में एकतरफा गिरावट पर लगाम लगे। हाल के दिनों में रुपये की एकतरफा गिरावट से फिक्र बढ़ी है

RBI News : 30 मार्च की शुरुआती कारोबारी सत्र में रुपया 130 पैसे की मज़बूती के साथ कारोबार करता दिखा। भारतीय रिज़र्व बैंक ने सट्टेबाज़ी पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए है, इससे रुपए को सपोर्ट मिला है। आरबीआई ने डॉलर पर ऑनशोर लॉन्ग पोज़िशन्स को सीमित कर दिया है, ताकि रुपए को स्थिर किया जा सके जो हाल के हफ़्तों में लगातार नए निचले स्तरों पर जाता दिखा है। फिलहाल डॉलर के मुकाबले रुपए 93.59 के आसपास ट्रेड कर है जो 27 मार्च के रिकॉर्ड निचले स्तर 94.85 से 1.3 फीसदी ज़्यादा है।

बैंकों की फॉरेक्स पोजिशन पर RBI का कैप

RBI ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि वे ऑनशोर डिलीवरेबल मार्केट में रुपये पर अपनी नेट ओपन पोज़िशन (NOP-INR) को 100 मिलियन डॉलर के अंदर सीमित रखें। बैंकों के लिए 10 अप्रैल तक इस निर्देश का पालन करना अनिवार्य है। अमूमन बैंकों को अपनी टियर-1 कैपिटल के 25 फीसदी तक नेट ओपन पोजिशन की इजाजत होती है। ग्रॉस पोजिशन पर कोई कैप नहीं है।

ट्रेडर्स ने बताया कि आरबीआई के निर्देश के चलते बैंकों (जिनमें ज़्यादातर निजी और विदेशी बैंक शामिल हैं) को आर्बिट्रेज ट्रेड्स को खत्म करना शुरू करना होगा और 10 अप्रैल तक 18 बिलियन डॉलर तक की पोज़िशन्स को स्क्वायर ऑफ करना होगा। ये आर्बिट्रेज ट्रेड, डॉलर को देश के भीतर (onshore) खरीदकर और उन्हें NDF बाज़ार में बेचकर,इन दोनों सेगमेंट के बीच के अंतर (spread) का लाभ उठाने के लिए शुरू किए गए थे।

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