हाल में स्मॉलकैप और मिडकैप कंपनियों में बिकवाली का असर इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर भी पड़ा। साएंट डीएलएम (Cyient DLM) इसमें शामिल थी। हालांकि, इस कंपनी के लिए आउटलुक पॉजिटिव लगता है। सरकार का फोकस 'मेक इन इंडिया' पर बने रहने की उम्मीद है। वह पीएलआई स्कीम का दायरा बढ़ा सकती है। उधर, ग्लोबल कंपनियां सप्लाई चेन के रिस्क को घटाने के लिए चीन की जगह इंडिया में प्रोडक्शन करना चाहती हैं। इसका सीधा असर स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विस (EMS) कंपनियों के स्टॉक्स पर दिख रहा है।
