Daily Voice: 2023 क्वालिटी शेयरों का पोर्टफोलियो बनाने का साल, अगले साल मिलेगा जोरदार रिटर्न

Daily Voice:बाजार अकेले दम पर नहीं चलता। यह इकोनॉमी से जुड़ा होता है। बैंकिंग सेक्टर पर आने वाले किसी संकट का असर ब्रॉडर मार्केट, लिक्विडिटी और फंडिंग पर देखने को मिलेगा। पूंजी का प्रवाह बाधित होने पर बाजार के कॉन्फिडेंस पर भी निगेटिव असर पड़ता है। इस स्थिति में लोग सबसे पहले जोखिम वाले असेट्स से बचने की कोशिश करते हैं

अपडेटेड Mar 13, 2023 पर 6:18 PM
बैंकिंग सेक्टर पर आने वाले किसी संकट का असर ब्रॉडर मार्केट, लिक्विडिटी और फंडिंग पर देखने को मिलेगा। पूंजी का प्रवाह बाधित होने पर बाजार के कॉन्फिडेंस पर भी निगेटिव असर पड़ता है

Daily Voice: साल 2023 बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। इस अवधि में रिस्क रिवॉर्ड रेशियो डाउन साइड में रहने के बावजूद यह साल बाजार में पैसे लगाने और अच्छा पोर्टफोलियो बनाने के नजरिए से काफी अच्छा रहेगा। इस साल बनाया गया पोर्टफोलियो अगले साल शानदार रिटर्न देगा। ये बातें ITUS Capital के नवीन चंद्रमोहन ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं। यूएसफेड की नीतियों पर बात करते हुए फाइनेंशियल मार्केट का 16 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले नवीन चंद्रमोहन ने कहा कि यूएस फेड तुरंत अपनी नीतियों से पीछे नहीं हटेगा। अभी हमें आगे उसकी तरफ से ब्याज दरों में 1-2 बढ़ोतरियां और देखने को मिलेंगी।

उन्होंने आगे कहा कि देश में क्रेडिट कंडीशन पहले से ही काफी टाइट स्थिति में है। ऐसे में RBIको इकोनॉमी में मजबूती बनाए रखने को लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी और बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बनाए रखने के बीच काफी संतुलन साधना पड़ेगा।

बाजार को लेकर हमें सतर्क रहने की जरूरत


आगे कैसे रहेगी बाजार की दशा- इस सवाल का जवाब देते हुए नवीन ने कहा कि बाजार तीन आधारों पर काम करता है। लिक्विडटी, ग्रोथ और वैल्यूएशन। इस समय सिर्फ एक स्थति पॉजिटिव नजर आ रही है। ऐसे में बाजार को लेकर हमें सतर्क रहने की जरूरत है। लिक्विडिटी की स्थिति अच्छी नहीं दिख रही है। इसके अलावा बाजार का वैल्यूएशन भी महंगा नजर आ रहा है।

क्या आपको लगता है कि अगले वित्त वर्ष में महंगाई ऊंचे स्तर पर बनी रहेगी?

इस सवाल का जवाब देते हुए नवीन कहा कि अगले साल में महंगाई सामान्य स्तर पर आती दिखेगी। यहां से अब इसमें ज्यादा बढ़त की उम्मीद नहीं है।

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क्या आपको लगता है कि अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक के दिवालिया होने से ब्रॉडर मार्केट पर कोई असर पड़ेगा?

इस सवाल का जवाब देते हुए नवीन ने कहा कि मैंने अक्सर कहा है कि बाजार में लिक्विडिटी तमाम स्थितियों के साथ जुड़ी होती है। तमाम फंडों ने कहा है कि उनके पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियां बेहतर स्थिति में है। उनके फंडामेंटल मजबूत हैं। ध्यान रखने की बात है कि बाजार अकेले दम पर नहीं चलता। यह इकोनॉमी से जुड़ा होता है। बैंकिंग सेक्टर पर आने वाले किसी संकट का असर ब्रॉडर मार्केट, लिक्विडिटी और फंडिंग पर देखने को मिलेगा। पूंजी का प्रवाह बाधित होने पर बाजार के कॉन्फिडेंस पर भी निगेटिव असर पड़ता है। इस स्थिति में लोग सबसे पहले जोखिम वाले असेट्स से बचने की कोशिश करते हैं। मेरा मानना है कि अगर यूएसफेड और दूसरी नियामक संस्थाएं स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जल्द कदम नहीं उठाती हैं तो बाजार का सेंटीमेंट और खराब हो सकता है।

 

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