सिलिकॉन वैली बैंक में आए संकट के चलते ग्लोबल बाजार समेत भारतीय बाजार में भी गिरावट देखी गई। आज निफ्टी 5 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ है। सेंसेक्स-निफ्टी 1.5 फीसदी गिरकर बंद हुए हैं। आज BSE के सभी सेक्टर इंडेक्स में बिकवाली रही। बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली है। इंफ्रा, IT और FMCG शेयरों पर भी दबाव रह है। मेटल, फॉर्मा, एनर्जी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली है। आज दिग्गजों की तरह ही मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट रही है।
सेंसेक्स 897 अंक गिरकर 58238 पर बंद हुआ है। वहीं निफ्टी 259 अंक गिरकर 17154 के स्तर पर बंद हुआ है। निफ्टी बैंक 921 अंक गिरकर 39565 पर बंद हुआ है। वहीं, मिडकैप 611 अंक गिरकर 30107 पर बंद हुआ है। आज निफ्टी के 50 में से 47 शेयरों में गिरावट रही। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयरों में दबाव रहा। निफ्टी बैंक के सभी 12 शेयरों में बिकवाली रही। डॉलर के मुकाबले रुपया भी आज 8 पैसे कमजोर होकर 82.12 के स्तर पर बंद हुआ है।
इंडसइंड बैंक, एसबीआई, टाटा मोटर्स, एमएंडएम और आयशर मोटर्स निफ्टी के आज के टॉप लूजर रहे। जबकि टेक महिंद्रा और अपोलो अस्पताल निफ्टी का टॉप गेनर रहे।
14 मार्च को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
रेलीगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार ने आज हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की है। आज सेंसेक्स-निफ्टी लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए हैं। बढ़त के साथ खुलने को बाद निफ्टी दिन आगे बढ़ने के साथ ही कमजोरी होता गया। कारोबार के अंत में ये 17,154.30 के स्तर पर सेटल हुआ। अमेरिकी बैंकिंग संकट ने दुनियाभर के बाजारों पर दबाव बनाया है। पहले बैंकिंग और फाइनेंशियल ही बाजार के लिए तारणहार का काम कर रहे थे लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाजार पर उनका निगेटिव नजरिया बना हुआ है। अब निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 17000 पर दिख रहा है। ट्रेटर्स को इसको ध्यान में रखकर ही अपनी पोजीशन तय करनी चाहिए।
मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका की राय
मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अमेरिकी बैंकिंग संकट के चलते बाजार आज फिर बिकवाली देखने को मिली। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स भी आज 19 फीसदी बढ़कर 16 के स्तर पर पहुंच गया है। ये बाजार में अस्थिरता बढ़ने का संकेत है। कई मध्यम और छोटे आकार के (सिल्वरगेट बैंक, सिलिकन वैली बैंक, सिग्नेचर बैंक और फर्स्ट रिपब्लिक बैंक) बैंकों को लेकर उभरती अनिश्चितता ने अमेरिकी बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति को लेकर दुनिया भर के बाजारों में डर पैदा कर दिया है। अब जब तक इस संकट को लेकर स्थितियां पूरी तरह से साफ नहीं हो जाती तब तक बाजार में उठापटक कायम रहेगी। नुकसान को नियंत्रित करने के लिए यूएस फेड की आपातकालीन बैठक पर दुनियाभर के बाजारों की नजर रहेगी। इसके अलावा इसी सप्ताह के दौरान होने वाली ईसीबी की बैठक नतीजों के साथ ही भारत और अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर भी बाजार की पैनी नजर रहेगी।
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