वॉलफोर्ट पीएमएस के विजय भारडिया का मानना है कि कई ऑटोमोबाइल स्टॉक का वैल्यूएशन महंगा हो गया है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने कहा, "लेकिन अभी भी इनमें बहुत ग्रोथ होनी बाकी है क्योंकि हम अभी भी कई देशों की तुलना में बहुत कम फोर व्हीलर वाहन बेचते हैं।" विजय भारडिया के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट निश्चित रूप से बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है क्योंकि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी बड़े पैमाने पर नहीं बना है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल इंजन वाहनों में ऑटो सेक्टर की मांग कुछ और सालों तक जारी रहेगी। जब ईवी इंफ्रा का बड़े स्तर पर निर्माण नहीं हो जाता या बैटरी स्टोरेज सिस्टम में कुछ क्रांति नहीं हो जाती, तब तक पेट्रोल और डीजल इंजन वाहनों को कोई बड़ा खतरा नहीं है।
