बैंकों की तरफ से अडानी समूह को दिए गए कर्जे से देश के बैंकिंग सिस्टम को कोई बड़ा खतरा नहीं है। इस लोन के लिए बैंकों के पास वास्तविक संपत्तियां गिरवी हैं। ऐसे में बैंकिग सिस्टम को अडानी ग्रुप को दिए गए लोन से फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं है। ये बातें ग्रीन पोर्टफोलियो (Green Portfolio) के दिवम शर्मा ने मनीकंट्रोल से हुई एक बातचीत में कही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अडानी के प्रोमोटरों की तरफ से गिरवी शेयरों को छुड़ाया जाना एक पॉजिटिव खबर है। स्टॉक मार्केट में इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट का 13 साल से ज्यादा का अनुभाव रखने वाले दिवम शर्मा का मानना है कि PLI से जुड़े सेक्टर और इससे जुड़ी कंपनियां इस दशक में जोरदार प्रगति करती दिखेंगी।
क्या हालिया गिरावट के बाद अब अडानी गुप की कंपनियों में खरीदारी के मौके दिख रहे हैं?
इस सवाल का जवाब देते हुए दिवम शर्मा ने कहा कि इस करेक्शन के बाद अडानी समूह की कुछ कंपनियां वैल्यूशन के लिहाज से वास्तव में काफी अच्छी लगने लगी हैं। दिवम ने बताया कि अडानी समूह की कुछ कंपनियों में उनका निवेश था। अच्छे भाव पर वे अब इन शेयरों से निकल गए हैं। दिवम का ये भी कहना कि अडानी समूह के शेयरों में कुछ और समय तक उठापटक जारी रहेगी। इस समूह के शेयरों पर अभी कुछ और दिन खबरों के मुताबित उतार-चढ़ाव होता रहेगा। अच्छे करेक्शन के बाद अडानी शेयरों में नए निवेश के मौके के बावजूद अभी इन शेयरों में रुक-रुक कर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ही निवेश करने की सलाह होगी।
क्या आपको लगता है कि चीन की अर्थव्यवस्था के फिर से खुलने से मेटल शेयरों में तेजी आएगी?
इस सवाल का जवाब देते हुए दिवम ने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था का फिर से खुलना निश्चित रूप से मेटल शेयरों के लिए एक ट्रिगर का काम करेगा। इसके साथ ही ब्याज दरों में बढ़त थमने और बढ़ती मांग से भी मेटल शेयरों को सपोर्ट मिलेगा।
बजट और नतीजों के मौसम के बाद निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में कौन से तीन सेक्टर/थीम रखने चाहिए?
इस सवाल का जवाब देते हुए दिवम ने कहा कि फार्मा सेक्टर भारत की एक बड़ी ताकत है। वैक्सीन प्रोडक्शन और जेनरिक दवाओं के उत्पादन में ग्लोबल स्तर पर 20 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ भारत फार्मा सेक्टर का लीडर है। पिछले दो साल के दौरान इस सेक्टर में काफी करेक्शन आया है और अब फार्मा शेयरों के वैल्यूएशन काफी अच्छे दिख रहे हैं। इसके अलावा इंफ्रा और कैपिटल गुड्स सेक्टर भी काफी अच्छे दिख रहे हैं। पीएलआई से जुड़ी कंपनियां अगले 10 साल में जोरदार तेजी दिखाएंगी।
क्या आपको उम्मीद है कि मौजूदा कैलेंडर वर्ष की दूसरी छमाही में निफ्टी आईटी शेयरों में तेजी आएगी?
इस सवाल पर दिवम शर्मा ने कहा कि आईटी का आउटलुक अभी भी अच्छा नहीं दिख रहा है। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी और कंपनियों के पास हो रही नकदी की कमी से आईटी कंपनियों को मिलने वाले नए ऑर्डर में गिरावट दिखेगी। सेक्टर में जॉब ग्रोथ और हायरिंग में भी काफी गिरावट आई है। आईटी शेयरों को एक बार फिर से गति पकड़ने में अभी समय लगेगा। हालांकि अमेरिका में ब्याज दरों में गिरावट की शुरुआत इस सेक्टर के लिए एक ट्रिगर का काम करेगी। दिवम शर्मा का मानना है कि इस साल के अंत तक अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की शुरुआत हो सकती है।
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