Daily Voice:आशिका ग्लोबल फैमिली ऑफिस सर्विसेज (Ashika Global Family Office Services) के को-फाउंडर अमित जैन ने मनीकंट्रोल के साथ हुई एक बातचीत में कहा है की 22 मार्च, 2023 को होने वाली आगामी यूएस फेड बैठक में अमेरिका में ब्याज दरों में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की बहुत ज्यादा संभावना है। अमित जैन का मानना है कि वर्तमान स्थितियों में ग्लोबल स्टॉक मार्केट लगातार तेजी बने रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती। ग्लोबल बाजार में तमाम चुनौतियां देखने को मिल रही हैं। ऐसे में कम से कम जुलाई 2023 तक बाजार दायरे में ही घूमता रहेगा।
बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर का 18 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले अमित ने कहा "अक्टूबर 2024 में अमेरिकी चुनाव से पहले किसी भी समय वैश्विक वित्तीय संकट का दूसरा संस्करण (Global Financial Crisis 2.0) देखने को मिल सकता है। यूएस फेड की दरें लगभग 2009 के पूर्व के स्तर पर पहुंच गई हैं, जब हमने पिछली बार दुनियाभर में वित्तीय संकट देखा था।" उन्होंने आगे कहा कि इन स्थितियों को देखते हुए लगता है कि कैलेंडर ईयर 2023 की दूसरी छमाही में मंदी आने की काफी ज्यादा संभावना दिख रही है।
क्या फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दर में 5.5-6 फीसदी की बढ़त कर लेगा ?
इस सवाल के जवाब में अमित जैन ने कहा कि उनका व्यक्तिगत विचार ये है कि यूएस फेड की ब्याज दर अक्टूबर 2023 के अंत तक 5.75-6 फीसदी के आसपास पहुंच जाएंगी।
क्या आपको लगता है कि अदाणी समूह का सबसे बुरा दौर बीत चुका है? क्या अभी इन शेयरों को लेने का सही समय है?
इस सवाल पर अमित ने कहा कि तकनीकी रूप से देखें तो अदाणी समूह के लिए सबसे बुरा दौर बीत चुका है क्योंकि वे विभिन्न बैंकों से अपने गिरवी शेयर छुड़ा रहे हैं। यह इस समूह के लिए एक प्रमुख चुनौती थी। हालांकि, हम आगे चलकर उनके तिमाही नतीजों पर कड़ी नजर रखेंगे। केवल बहुत अधिक जोखिम उठाने वाले निवेशक ही मौजूदा स्तरों पर अदाणी समूह के शेयरों में निवेश कर सकते हैं।
भारतीय बाजार के लिए इस समय आपको कौन सी चुनौतियां नजर आ रही हैं?
बदलती जियोपोलिटिकल स्थिति, ग्लोबल स्तर पर हो रहा पावर शिफ्ट, अदाणी समूह में सेबी की रिपोर्ट के नतीजे और ब्याज दरों पर यूएस फेड का आक्रामक रवैया बाजार के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। अगर इन मोर्चों पर स्थितियां ज्यादा खराब होती हैं तो फिर निफ्टी जून 2022 के निचले स्तरों तक जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि वे मौजूदा स्तरों पर अभी भी मध्यम से लंबी अवधि के नजरिए से भारतीय बैंकों पर बुलिश हैं और जुलाई 2023 तक मिडकैप शेयरों की तुलना में लार्जकैप शेयरों को तरजीह देंगे।
पीएसयू बैंकों पर आपकी क्या राय है?
इस सवाल पर अमित ने कहा कि उन्होंने जुलाई 2022 में मीडिया से हुई बातचीत में बैंकिंग सेक्टर में एक एंट्री प्वाइंट की पहचान की थी। तब से अब तक बैंक शेयरों में लगभग 20 फीसदी की बढ़त हुई है। इस एंट्री प्वाइंट के बाद से अधिकांश निजी बैंक 20 फीसदी ऊपर हैं जबकि पीएसयू बैंक 40-80 फीसदी ऊपर हैं। उन्होंने ये भी कहा कि मौजूदा स्तरों पर भी वो पीएसयू और निजी बैंक दोनों पर बुलिश रुख जारी रखे हुए हैं।
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