कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Kotak Mahindra Asset Management Company) के प्रेसिडेंट और चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर - इक्विटी हर्ष उपाध्याय (Harsha Upadhyaya) ने एक इंटरव्यू में मनीकंट्रोल से कहा कि ऐतिहासिक लॉन्ग टर्म ट्रेंड की तुलना में इस समय बाजार का वैल्यूएशन काफी हद तक ठीक हो गया है। इसे देखते हुए लगता है कि भारतीय बाजार आगे एक दायरे में कारोबार करता दिखेगा। हालांकि उनका ये भी मानना है कि भारतीय इक्विटीज का वैल्यूएशन दूसरे उभरते बाजारों की तुलना में अभी भी काफी प्रीमियम (महंगा) पर है। कच्चे माल की कीमतों में गिरावट के कारण कंपनियों की कमाई में अगर बढ़त देखने को मिलती है तो इससे बाजार में तेजी आती दिखेगी।
इक्विटी रिसर्च और फंड मैनेजमेंट का 2 दशकों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले हर्ष उपाध्याय की निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार में और गिरावट की स्थिति में निवेशकों को बैंकिंग, ऑटो, सीमेंट और इंडस्ट्रियल जैसे सेक्टरों में निवेश के मौके खोजें।
एसवीबी बैंक का पतन अमेरिकी बैंकिंग क्षेत्र के लिए वास्तव में एक बड़ी चिंता है? क्या आपको अब 2008 जैसी स्थिति की उम्मीद है?
इस सवाल पर हर्ष ने कहा कि यूएस फेड की तरफ से समय से उठाए गए कदमों के चलते स्थितियां नियंत्रण में नजर आ रही हैं। एसवीबी बैंक अमेरिका के बेहतर परिचालन वाले छोटे बैंकों में से एक था। पिछले कुछ दिनों में हुए डेवलपमेंट से ये साफ होता है कि इस संक्रमण के और फैलने की संभावना नहीं है।
अगर बाजार यहां से 10 फीसदी और गिरे तो निवेशकों को किन सेक्टर पर दांव लगाना चाहिए?
इस सवाल के जवाब में हर्ष ने कहा कि किसी करेक्शन की स्थिति में निवेशको को ऐसे सेक्टर और थीम पर फोकस करना चाहिए जिनकी कमाई में आगे मजबूती बनी रहने की संभावना हो। हर्ष का मानना है कि मीडियम टर्म के नजरिए से देखें तो घरेलू बाजार पर फोकस्ड (खपत के अलावा) कंपनियां आगे अच्छा प्रदर्शन करती नजर आएंगी। ऐसे स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए निवेशकों के किसी गिरावट में बैंकिंग, ऑटो, सीमेंट और इंडस्ट्रियल जैसे सेक्टरों में निवेश करना चाहिए।
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