ग्लोबल बाजार के साथ जुड़ी चिंताओं की वजह से पिछले साल से ही परेशानी में चल रहे आईटी शेयरों की दिक्कतें अभी भी खत्म नहीं हुई हैं। ग्लोबल माइक्रो स्थितियां अभी भी खराब बनी हुई हैं। ऐसे में एनालिस्ट्स इस सेक्टर को लेकर अभी भी सतर्क नजरिया बनाए हुए हैं। पिछले साल निफ्टी आईटी इंडेक्स में 19 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वहीं इसी अवधि में निफ्टी 50 इंडेक्स में सिर्फ 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
जापानी ब्रोकरेज हाउस नोमुरा का कहना है कि खराब ग्लोबल मैक्रो स्थितियों, गिरते एट्रीशन रेट और तमाम मर्जर और एक्वीजीशन की खबरों के बीच आईटी सेक्टर की मांग में दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि अब आईटी सेक्टर का मार्जिन बॉटम आउट होता दिख रहा है। इसके देखते हुए नोमुरा की इंफोसिस, टेक महिंद्रा, परसिस्टेंट सिस्टम्स और कोफॉर्ज में "buy" है। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), LTI माइंडट्री (LTIM) और L&T टेक्नोलॉजीज में नोमुरा की "reduce" रेटिंग है।
मॉर्गन स्टेनली LTIM पर बुलिश
वहीं दूसरी तरफ मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) LTIM पर बुलिश है। वहीं, इंफोसिस और HCL टेक्नोलॉजीज इस प्रिफर्ड लिस्ट में शामिल हैं। मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि खराब मैक्रो स्थितियों के कारण नियर टर्म में आईटी कंपनियों की कमाई पर दबाव देखने को मिल सकता है। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि अगले दो साल में आईटी कंपनियों की ग्रोथ पटरी पर आती दिखेगी। मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि वित्त वर्ष 2024 के लिए भी आईटी कंपनियों का आउटलुक बहुत अच्छा नजर नहीं आ रहा है। नियरटर्म में आईटी शेयरों में काफी वोलैटिलिटी देखने को मिल सकती है। ऐसे में किसी गिरावट में क्वालिटी आईटी शेयरों में लंबे नजरिए से खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।
जेफरीज की टॉप पिक्स में सिर्फ Infosys को ही मिली जगह
इसी तरह जेफरीज ने पिछले हफ्ते कहा था कि कैलेंडर ईयर 2024 के लिए अधिकांश आईटी कंपनियों को रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान में कटौती देखने को मिली है। ऐसे में 2024 आईटी कंपनियों के मुनाफे पर भी दबाव देखने को मिलेगा। जेफरीज ने Coforge, Wipro ओर LTI को हाई रिस्क कटेगरी के स्टॉक में रखा है। वहीं, Infosys, TCS और HCL जेफरीज को बेहतर स्थिति में नजर आ रही हैं। वहीं, जेफरीज की टॉप पिक्स में सिर्फ Infosys को ही जगह मिली है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।