2023 में एक बार फिर से जून 2022 का निचले स्तर दिखने की संभावना से पूरी तरह से इनकार नहीं किया जा सकता। चाइना-ताइवान तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, उम्मीद से लंबा खिंचता महंगाई का दौर कुछ ऐसे इंटरनेशनल फैक्टर्स हैं जिनके कारण दुनिया भर में ब्याज दरों में बढ़त का दौर कायम रह सकता है। ब्याज दरों के हाई लेवल पर बने रहने से दुनिया भर के बाजारों पर दबाव देखने को मिल सकता है। ये बातें सैम्को म्यूचुअल फंड (Samco Mutual Fund) के सीईएओ विराज गांधी (Viraj Gandhi) ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं।
मार्केट के कुछ सेगमेंट्स के वैल्यूएशन महंगे
घरेलू बाजार पर बात करते हुए विराज गांधी ने कहा कि इस समय मार्केट के कुछ सेगमेंट्स के वैल्यूएशन महंगे नजर आ रहे हैं। इसके अलावा 2024 में जनरल इलेक्शन भी होने वाले हैं। ये दोनों फैक्टर्स 2023 में बाजार में गिरावट की वजह बन सकते हैं। बता दें कि विराज गांधी सैम्को म्यूचुअल फंड के सीईओ हैं। इनको कैपिल मार्केट का 1 दशक से ज्यादा का अनुभव है। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि अगर बाजार की चाल ऊटपटांग हो तो आपको सोच-समझ कर निर्णय लेना चाहिए। युवा निवेशकों को उनकी राय है कि कम्पाउंडिंग का फायदा लेने के लिए अपने पैसे को म्यूचुअल फंड्स को जरिए निवेश करना सबसे बेहतर तरीका हो सकता है।
आगे भारत के ग्रोथ पर आधारित शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिलेगी
2023 में कहां होगी कमाई? इस सवाल का जवाब देते हुए विराज गांधी ने कहा कि आगे भारत के ग्रोथ पर आधारित शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिलेगी। दुनिया की तमाम बड़ी इकोनॉमीज पर दबाव देखने को मिल रहा है लेकिन भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत है है। ऐसे में भारतीय इकोनॉमी पर आधारित शेयरों में आगे तेजी देखने को मिलेगी। इसके अलावा 2024 में देश में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार डिफेंस, इंफ्रा और हाउंसिंग में खर्च बढ़ाएगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए इंफ्रा और डिफेंस से जुड़े शेयरों में कमाई को मौके दिख रहे हैं।
बाजार में किसी गिरावट पर क्वालिटी शेयरों में करें खरीद
क्या बाजार आने वाले साल में विकसित देशों की मंदी को लेकर दबाव में रहेगा? इस सवाल के जवाब में विराज गांधी ने कहा कि बाजार अक्सर आगे की सोच कर चलता है। अगर मंदी की आशंका के कारण बाजार में कोई करेक्शन आता भी है तो निवेशकों को इस मौके का फायदा लंबी अवधि के नजरिए से क्वालिटी शेयरों को चुनने के लिए उठाना चाहिए।
एसेट क्वालिटी में सुधार और कर्ज की बढ़ती मांग बैंक शेयरों के लिए शुभ
बैंक शेयरों पर बात करते हुए विराजने आगे कहा कि एसेट क्वालिटी में सुधार और कर्ज की बढ़ती मांग बैंक शेयरों के लिए शुभ संकेत हैं। इसके चलते आगे हमें बैंकिंग शेयरों में विदेशी पैसा आता दिखेगा। लेकिन इस सेक्टर के कुछ शेयर इस समय काफी महंगे हो गए हैं। ऐसे में वर्तमान लेवल पर बैंकिंग शेयरों के चुनाव में बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
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