बड़ोदा BNP पारिबा म्यूचुअल फंड (Baroda BNP Paribas Mutual Fund) के सीईओ सुरेश सोनी (Suresh Soni) की राय है कि भारत में महंगाई अब अपने चरम पर पहुंच गई है। यहां से अब इसमें गिरावट आती दिखेगी। हालांकि महंगाई अभी भी अपने 2-6 के लक्ष्य के ऊपर बनी हुई है। फिर भी सुरेश सोनी का कहना है कि आरबीआई (Reserve Bank India) अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की मात्रा और गति कम करता दिखेगा। उनका ये भी मानना है कि अगले साल के शुरुआत में रेट साइकिल भी अपनी पीक पर पहुंच जाएगी। बताते चलें की आरबीआई की मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की साल 2022 की आखिरी बैठक रही है। कल यानी 7 दिसंबर को इसके फैसलों का एलान किया जाएगा।
बैंकिंग सेक्टर में दिखेगी तेजी
उन्होंने आगे कहा कि ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों में गिरावट और महंगाई के चरम पर पहुंचने के साथ ही अगर ब्याज दरों पर आरबीआई के रुख में कोई बदलाव होता है तो बॉन्ड और इक्विटी मार्केट के लिए ये पॉजिटिव ट्रिगर का काम करेगा। Moneycontrol को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने आगे कहा कि बैंकिग सेक्टर (Banking sector) इस समय काफी अच्छी स्थिति में दिख रहा है। सेक्टर में जोरदार निवेश आता दिखेगा। बैंकिंग सेक्टर की इंडेक्स में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। इसके आलावा देश के इकोनॉमिक डेवलपमेंट में भी इसका सबसे ज्यादा योगदान होता है। ऐसे में FPIs इसकी उपेक्षा नहीं कर सकते। फाइनेशियल सेक्टर को लेकर खुश रहने के लिए कई बुनियादी कारण हैं। इसके अलावा इस समय इस सेक्टर के वैल्यूएशन भी अच्छे दिख रहे हैं।
डिफेंस सेक्टर में भी निवेश के अच्छे मौके
डिफेंस सेक्टर में भी सुरेश सोनी को निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं। उनका मानना है कि आगे डिफेंस सेक्टर में स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भर भारत अभियान के चलते अच्छी ग्रोथ आती दिखेगा। सरकार की तरफ ले रक्षा बजट में की जाने वाली बढ़त का भी डिफेंस सेक्टर को फायदा होगा।अधिकांश डिफेंस कंपनियों में सरकारी होल्डिंग अधिक है ऐसे में हमें संभावित विनिवेश/बिक्री पर नजर रखने की जरूरत है।
टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत के पास स्पष्ट बढ़त
टेक्नोलॉजी स्पेस पर बात करते हुए सुरेश सोनी ने कहा कि टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत के पास स्पष्ट बढ़त है। टेक्नोलॉजी स्पेस में अब तक काफी करेक्शन आ चुका है। टेक्नोलॉजी इंडेक्स ने शेष बाजार की तुलना में काफी कमजोर प्रदर्शन किया है। आईटी के लिए अमेरिका और यूरोप की मंदी एक चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में हम इस सेक्टर पर नजर बनाए हुए हैं। स्थितियां साफ होने के बाद इस सेक्टर में अपना निवेश बढ़ाने पर फैसला लेंगे।
ऑटो और ऑटो एनसिलरी को लेकर पॉजिटिव
ऑटो (auto) और ऑटो एनसिलरी (auto ancillary) सेगमेंट पर बात करते हुए सुरेश सोनी ने कहा कि वे ऑटो और ऑटो एनसिलरी को लेकर पॉजिटिव हैं। इस सेक्टर को पेंटअप डिमांड से फायदा मिलेगा। इसके अलावा सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें भी काफी कम हो गई हैं। कमोडिटी कीमतों में नरमी आने के साथ ही नियर टर्म में इस सेक्टर के मार्जिन में भी सुधार आता दिखेगा। इकोनॉमी में ग्रोथ के साथ ही कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी तेजी आती दिखेगी। सुरेश सोनी को फोर व्हीलर ओर ऑटो एंसिलरी कंपनियां पसंद हैं। इनकी राय है कि इलेक्ट्रिल व्हीकल टू व्हीलर सेगमेंट में बड़ा उलटफेर कर सकते हैं। पहले से स्थापित कुछ कंपनियां 2 व्हीलर इलेक्ट्रिक सेगमेंट में उपस्थिति रखती हैं लेकिन इस सेक्टर में कोई साफ लीडर नहीं दिख रहा है।
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