Daily Voice| इन दो सेक्टर में निवेश आपको मालामाल कर देगा, श्रीराम लाइफ के अजीत बनर्जी ने बताई वजह

अजीत बनर्जी ने कहा कि जहां प्राइवेट बैंकों के शेयरों में 2.5-3 गुना प्राइस-टू-बुक (P/B) पर कारोबार हो रहा है, वही SBI को छोड़ दूसरे सरकारी बैंकों के शेयर 0.6 से 0.8 गुना के P/B पर उपलब्ध हैं

अपडेटेड Nov 19, 2022 पर 3:52 PM
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बनर्जी ने कहा कि सरकारी बैंकों के शेयरों में निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं। अगर वैल्यूएशन के लिहाज से देखा जाएं तो इनके शेयरों की कीमतें अभी बहुत अट्रैक्टिव हैं।

पिछले कुछ हफ्तों में आई तेजी की वजह से अच्छी कंपनियों के शेयरों की कीमतें (share Prices) काफी बढ़ गई हैं। एक्सपर्ट्स भी मार्केट की वैल्यूएशन (Valuation) को लेकर सवाल कर रहे हैं। इनवेस्टर्स ऐसे शेयरों की तलाश में हैं, जिनकी वैल्यूएशन अब भी अट्रैक्टिव है। शेयर बाजार में निवेश का बुनियादी सिद्धांत है-सस्ता खरीदें, महंगा बेचें। Shriram Life Insurance के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर अजीत बनर्जी से बातचीत के दौरान मनीकंट्रोल ने उनसे ऐसे शेयरों के बारे में पूछा, जिनकी कीमतें अभी अट्रैक्टिव लग रही हैं। बनर्जी ने निवेश (Investment), इंटरेस्ट रेट (Interest rate), इनफ्लेशन (Inflation) सहित ऐसे कई मसलों पर खुलकर चर्चा की, जिनका असर शेयर बाजार पर पड़ रहा है।

पीएसयू शेयर प्राइवेट बैंकों के शेयरों से सस्ते

बनर्जी ने कहा कि सरकारी बैंकों के शेयरों में निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं। अगर वैल्यूएशन के लिहाज से देखा जाएं तो इनके शेयरों की कीमतें अभी बहुत अट्रैक्टिव हैं। जहां प्राइवेट बैंकों के शेयरों में 2.5-3 गुना प्राइस-टू-बुक (P/B) पर कारोबार हो रहा है, वही SBI को छोड़ दूसरे सरकारी बैंकों के शेयर 0.6 से 0.8 गुना के P/B पर उपलब्ध हैं। इस वजह से सरकारी बैंकों की ग्रोथ बहुत अच्छी रहने की उम्मीद है।


सरकारी बैंकों की तेज ग्रोथ की उम्मीद

उन्होंने कहा कि क्रेडिट ग्रोथ बहुत स्ट्रॉन्ग है। बैंकों की बैलेंसशीट को साथ-सुथरा बनाने की कोशिशों का अच्छा रिजल्ट मिला है। ज्यादातर सरकारी बैंक अपनी क्रेडिट कॉस्ट में कमी देख रहे हैं। लोन ग्रोथ में भी अच्छी इम्प्रूवमेंट है। सरकारी बैंकों के साथ एक खास बात यह है कि उनके पीछे सरकार का हाथ है। लिक्विडिटी में कमी आने के बाद यह बहुत मायने रखता है। लिक्विडिटी में कमी आने पर डिपॉजिट में लोगों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। इसलिए आगे पीएसयू बैंकों के अच्छे दिन दिख रहे हैं।

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आईटी सेवाओं की डिमांड मजबूत बनी रहेगी

आईटी कंपनियों में निवेश के मौकों के बारे में पूछने पर बनर्जी ने कहा कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए स्ट्रक्चर डिमांड अब भी अच्छी है। ग्लोबल और डोमेस्टिक टेक्नोलॉजी कंपनियों के इस बारे में संकेत दिए हैं। आईटी कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री को देखें तो मध्यम से लेकर लंबी अवधि में यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, छोटी अवधि में आईटी कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

आईटी शेयरों में निवेश बनाए रखने से होगा बड़ा फायदा

श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस के सीआईओ ने कहा कि डिजिटाइजेशन और टेक्नोलॉजी पर बढ़ती निर्भरता का ट्रेंड उलटी दिशा में जाने वाला नहीं है। कंपनियां आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर में अपना निवेश जारी रखेंगी। हालांकि, बीच-बीच में इसमें रुकावट आ सकती है। आईटी कंपनियों की ग्रोथ में क्लाउड-आधारित सेवाओं की हिस्सेदारी ज्यादा रहेगी। इंडियन आईटी कंपनियां इस मामले में दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनियों को टक्कर दे रही हैं। इसलिए लंबी अवधि के लिहाज से कहा जा सकता है कि इनवेस्टर्स आईटी सेक्टर की अच्छी कंपनियों में अपना निवेश बनाए रख सकते हैं।

अक्टूबर में इनफ्लेशन में कमी अनुमान के मुताबिक

इंटरेस्ट रेट की तस्वीर आगे कैसी रहेगी? इसके जवाब में बनर्जी ने कहा कि अगर साल दर साल आधार पर देखें तो अक्टूबर में इनफ्लेश में गिरावट आई है। यह अनुमान के मुताबिक है। डब्ल्यूपीआई इनफ्लेशन सिंगल डिजिट में आ गया है। रिटेल इनफ्लेशन 7 फीसदी से नीचे आ गया है। हालांकि, अक्टूबर के इनफ्लेशन के डेटा में बेस इफेक्ट का बड़ा हाथ रहा। इसके बावजूद इनफ्लेशन फिर से बढ़ने की आशंका को बिल्कुल खारिज नहीं किया जा सकता। फूड की सप्लाई में दिक्कत, बढ़ते ट्रेड डेफिसिट और बढ़ते सर्विस इनफ्लेशन की वजह से रिटेल इनफ्लेशन फिर से बढ़ सकता है।

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