आम चुनाव के एक साल पहले भारत में महंगाई और ब्याज दर दोनों अपने पीक पर पहुंच चुकी है। अब इनमें ज्यादा बढ़त की उम्मीद नहीं है। सरकार द्वारा किए गए प्रयासों ने धरातल पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। 2024 में अमेरिका में भी चुनाव होने वाले हैं। अब वहां भी मंदी का दबाव कम हो रहा है। उम्मीद है कि साल 2023 में अमेरिका की जीडीपी पॉजिटिव रहेगी। साथ ही भारत की जीडीपी 7 फीसदी से ज्यादा रहेगी। इसके अलावा अमेरिका में अर्निंग सीजन भी मजबूत रहने की संभावना है।
2023 की दूसरी छमाही में बाजार में नया हाई मुमकिन
तमाम पॉजिटिव फैक्टर्स की वजह से बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव होगा। जिसके चलते 2023 की दूसरी छमाही में भारतीय बाजार एक बार फिर से नया हाई लगाता नजर सकता है। ये बातें ओमनीसाइंस कैपिटल (OmniScience Capital) के सीईओ विकास वी गुप्ता ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं।
आगे महंगाई बढ़ने की संभावना नहीं
महंगाई की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि जनवरी में सीपीआई आंकड़ों के हाई लेवल पर रहने के बावजूद इस बात की संभावना नहीं है कि आगे भी महंगाई में बढ़त देखने के मिलेगी। भारत में जुलाई से ही महंगाई में गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि यूएस फेड अमेरिका में महंगाई पर काबू के लिए ब्याज दरों में बढ़त बनाए रखेगा।
मानसून रूरल रिकवरी में होगी अहम भूमिका
क्या आपको लगता है कि मानसून रूरल रिकवरी में अहम भूमिका निभाएगा? इस सवाल का जवाब देते हुए गुप्ता ने कहा कि रूरल रिकवरी में मानसून की अहम भूमिका रहेगी। हालांकि चुनावी साल में रूरल रिकवरी को वैसे भी सरकारी नीतियों से सपोर्ट मिलता है। सरकार की अमृतकाल योजना, सप्तऋषि पर आधारित है। जिसके तहत देश के समग्र विकास पर निवेश करने की योजना है। इससे रूरल इकोनॉमी को भी फायदा होगा।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।