Daily Voice: मौजूदा भाव पर नए न्यू एज स्टॉक्स लग रहे महंगे, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और डिफेंस शेयरों को लेकर भी रहें सतर्क

Daily Voice: अश्विनी शामी ने बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि निवेशकों को न्यूज एज शेयरों में बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। रिस्क-रिवॉर्ड के नजरिए से न्यू एज कंपनियों में उन्हें प्योर-प्ले ई-कॉमर्स,क्विक कॉमर्स और हार्डवेयर टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के बजाय चुनिंदा फिनटेक कंपनियां ज्यादा पसंद हैं

अपडेटेड Aug 29, 2026 पर 9:42 AM
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Daily Voice: अश्विनी शामी मौजूदा मार्केट कंसोलिडेशन के दौर को अनुशासित और लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक अच्छे मौके के तौर पर देखते हैं

Daily Voice : मार्केट कंसोलिडेशन के इस दौर में अनुशासित और लंबे समय के लिए निवेश करने वालों के लिए निवेश का अच्छा मौका है। इस समय अच्छे भाव पर मिल रहे बेहतरीन ग्रोथ वाले शेयरों में पैसा लगाया जा सकता है। इस समय न्यू एज स्टाक्स काफी महंगे दिख रहे हैं। ऐसे में इनमें अभी पैसा डालना बेहतर विकल्प नहीं होगा। हालांकि,आगे कई सालों में इनमें अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। ये बातें ओमनीसाइंस कैपिटल (OmniScience Capital) के अश्विनी शामी ने मनीकंट्रोल के साथ हुई एक बातचीत में कही हैं। यहां हम आपके लिए इसी बातचीत का संपादित अंश पेश कर रहे हैं।

उन्होंने बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए आगे कहा कि निवेशकों को इस सेक्टर में बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। रिस्क-रिवॉर्ड के नजरिए से न्यू एज कंपनियों में उन्हें प्योर-प्ले ई-कॉमर्स,क्विक कॉमर्स और हार्डवेयर टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के बजाय चुनिंदा फिनटेक कंपनियां ज्यादा पसंद हैं।

अश्विनी शामी मौजूदा मार्केट कंसोलिडेशन के दौर को अनुशासित और लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक अच्छे मौके के तौर पर देखते हैं। ऐसे निवेशकों के लिए इस समय अच्छे भाव पर उपलब्ध बेहतरीन ग्रोथ वाले शेयरों में निवेश का अच्छा मौका नजर आ रहा है।


उनका यह भी मानना ​​है कि साल की दूसरी छमाही (H2)में अर्निंग में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इसके साथ ही FPI निवेश भी बढ़ता दिखेगा। इससे मार्केट को अच्छा सपोर्ट मिल सकता है।

क्या आपको उम्मीद है कि सितंबर तिमाही के बाद से 15 प्रतिशत से ज्यादा अर्निंग ग्रोथ वाली निफ्टी 500 कंपनियों का संख्या और बढ़ेगी?

हालांकि कच्चे तेल और कमोडिटी की ऊंची कीमतें उन सेक्टर के मार्जिन पर दबाव डालती हैं जहां इनपुट लागत अधिक होती है,लेकिन BFSI,हेल्थकेयर,कंज्यूमर और बिनेस सर्विसे जैसे एसेट-लाइट सेक्टर में अर्निंग ग्रोथ मजबूत बनी रहने और उसमें सुधार होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कैपिटल गुड्स,इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सर्विस (जिसमें बड़े बैंक भी शामिल हैं) सेक्टर में कैपिटल एक्सपेंडिचर में तेजी,बढ़ती मांग और ऑपरेटिंग लेवरेज के मिले-जुले असर के चलते अर्निंग में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

क्या आपको लगता है कि बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करने वाले मिड और स्मॉलकैप शेयरों का बढ़ा भाव अब सही लेवल पर आ गया है?

निफ्टी मिडकैप 150 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स लगभग 30 गुना और 34 गुना के ट्रेलिंग प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं, इसलिए हम यह नहीं कह सकते कि छोटे-मझोले शेयरों के वैल्यूएशन काफी कम हुए है। इसके विपरीत 20 गुना P/E मल्टीपल के आसपास ट्रेड कर रहे निफ्टी 100 इंडेक्स में अच्छे भाव वाले शेयरों में निवेश के ज्यादा अच्छे मौके हैं।

हालांकि कुछ खास मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेक्टर में अर्निंग ग्रोथ, बेंचमार्क से ज्यादा बनी हुई है,लेकिन तेजी से बढ़ने वाले इन अधिकांश सेक्टर में वैल्यूएशन अभी भी बहुत ज्यादा हैं।

क्या आपको मौजूदा भाव पर नए जमाने के स्टॉक्स (new-age stocks) अच्छे लगते हैं?

कुल मिलाकर कहें तो मौजूदा स्तरों पर नए जमाने के स्टॉक्स निवेश के लिए बहुत अच्छे विकल्प नहीं है। अगले कई सालों के अच्छे ग्रोथ आउटलुक के बावजूद इनका वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। निवेशकों को इस सेक्टर में बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। रिस्क-रिवॉर्ड के नजरिए से न्यू एज कंपनियों में उन्हें प्योर-प्ले ई-कॉमर्स,क्विक कॉमर्स और हार्डवेयर टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के बजाय चुनिंदा फिनटेक कंपनियां ज्यादा पसंद हैं।

क्या आपको लगता है कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से होने वाले फायदे को देखते हुए ऑटो एंसिलरी कंपनियों के शेयरों में और तेजी आ सकती है?

FTA और EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) की ओर होने वाले बदलाव से फायदा उठाने वाली ऑटो एंसिलरी कंपनियों के शेयर ज्यादातर अपने सही कीमत पर या कुछ मामलों में जरूरत से ज्यादा महंगे (overvalued) बिक रहे हैं,जिससे इनमें और तेजी की गुंजाइश कम है। EV पावरट्रेन,इलेक्ट्रिकल असेंबली और खास तरह कलपुर्जे (precision components) बनाने वाली और तेज ग्रोथ वाली सप्लायर कंपनियां 35x–70x P/E मल्टीपल पर ट्रेड कर रही हैं, जिनमें आने वाले कई सालों के कामकाज का असर पहले ही शामिल हो चुका है।

इस सेक्टर में निवेश करते समय ऑटो सेक्टर के उतार-चढ़ाव,पश्चिमी OEMs के वॉल्यूम ग्रोथ ट्रेंड्स और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का ध्यान रखना जरूरी है,क्योंकि इन सभी का असर इनकी अर्निंग ग्रोथ पर पड़ सकता है।

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आप किन तीन सेक्टर को लेकर सबसे ज़्यादा सतर्क हैं?

इस समय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और प्योर-प्ले डिफेंस(साथ ही कुछ खास हाई-मल्टीपल हेल्थकेयर सेगमेंट)को लेकर सतर्क हैं,क्योंकि इनमें कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा ओवरवैल्यूएशन है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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