Daily Voice : RBI रेपो रेट में कर सकता है 0.25% की बढ़ोतरी, IT की तुलना में बैंक शेयर ज्यादा अच्छे

Daily Voice : अमित को मौजूदा वैल्यूएशन पर एलटीआई माइंडट्री और टीसीएस की तुलना में एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ज्यादा अच्छे लग रहे हैं। अधिकांश पीएसयू बैंकों ने पिछले तीन महीनों में 20-40 फीसदी तक का रिटर्न दिया है। इतनी तेजी आने के बाद भी कुछ चुनिंदा पीएसयू बैंकों अभी भी खरीदारी के मौके हैं। इनमें आगे और तेजी दिखेगी। ऐसे मौजूदा भाव पर, आईटी कंपनियों की तुलना में बैंक ज्यादा अच्छे लग रहे है

अपडेटेड Oct 05, 2023 पर 12:07 PM
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Daily Voice : अमित की राय है कि लगभग सभी पीएसयू बैंक, निजी बैंक और एफएमसीजी कंपनियां आगे चलकर अपने अर्निंग गाइडेंस में बढ़ोतरी करती दिखेंगी।

Daily Voice : मेरा मानना है कि जल्द ही आरबीआई ब्याज दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। ऐसा इसी अक्टूबर नीति बैठक या अगली नीति बैठक में होता दिख सकता है। ये बातें मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में आशिका ग्लोबल फैमिली ऑफिस सर्विसेज के को-फाउंडर अमित जैन ने कही हैं। आईटी सेक्टर के नतीजों पर बात करते हुए अमित जैन ने कहा कि इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक आईटी क्षेत्र की कमाई निचले स्तर से वापसी करती दिखेगी।

सितंबर तिमाही की अर्निंग में किसी बड़ी बढ़त की संभावना नहीं

भारतीय बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर का 18 सालों का अनुभव रखने वाले अमित को लगता है कि सितंबर तिमाही की अर्निंग में किसी बड़ी तेजी की संभावना नहीं है। पिछले साल की तुलना में हाई बेस इफेक्ट कारण ऐसा होगा। इसके अलावा हाल के दिनों में हमे कच्चे तेल और दूसरी कमोडिटीज में उछाल देखने को मिला है। इसके चलते कंपनियों के प्राफिट मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है।


चुनिंदा पीएसयू बैंकों अभी भी खरीदारी के मौके

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक आईटी क्षेत्र की कमाई निचले स्तर से वापसी करती दिखेगी। शेयर बाजार के नजरिए से अमित को मौजूदा वैल्यूएशन पर एलटीआई माइंडट्री और टीसीएस की तुलना में एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ज्यादा अच्छे लग रहे हैं। अधिकांश पीएसयू बैंकों ने पिछले तीन महीनों में 20-40 फीसदी तक का रिटर्न दिया है। इतनी तेजी आने के बाद भी कुछ चुनिंदा पीएसयू बैंकों अभी भी खरीदारी के मौके हैं। इनमें आगे और तेजी दिखेगी। ऐसे में मौजूदा भाव पर, आईटी कंपनियों की तुलना में बैंक ज्यादा अच्छे लग रहे हैं। अमित ने आगे कहा कि वे वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के आंकड़ों के बाद आईटी सेक्टर पर अपने रुख की समीक्षा करेंगे।

आरबीआई जल्द ही सकता है ब्याज दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी

आरबीआई पॉलिसी पर बात करते हुए अमित ने कहा कि आगामी आरबीआई नीति पर उनकी राय आम राय की तुलना में थोड़ी अलग है। ऐसी दुनिया में जहां अमेरिकी ट्रेजरी बांड 5 फीसदी की यील्ड दे रहे हैं, इस बात की बहुत कम संभावना दिखती है कि भारतीय जी-सेक बांड 7.2 फीसद की यील्ड के आसपास कारोबार करते रहेंगे। ऐसे में अमित का मानना है कि जल्द ही आरबीआई ब्याज दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। ऐसा इसी अक्टूबर नीति बैठक या अगली नीति बैठक में होता दिख सकता है।

बैंकिंग, एफएमसीजी और एग्रो-केमिकल सेक्टर से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद

अमित की राय है कि लगभग सभी पीएसयू बैंक, निजी बैंक और एफएमसीजी कंपनियां आगे चलकर अपने अर्निंग गाइडेंस में बढ़ोतरी करती दिखेंगी। हालांकि उनका ये भी मानना है कि पीएसयू बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन पर इन बैंकों में अभी भी बढ़ोतरी की गुंजाइश है।

इसके अलावा चुनावी साल में हमें आम तौर पर एफएमसीजी प्रोडक्ट्स को खपत में बढ़त देखने को मिलती है। चुनावी साल में सरकार ग्रामीण इकोनॉमी पर बहुत पैसा खर्च करती है। ऐसे में बैंकिंग, एफएमसीजी और एग्रो-केमिकल सेक्टर में मीडियम से लॉन्ग टर्म में अच्छा प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।

चुनावों के बाद सरकारी खर्च में कमी आने की उम्मीद नहीं

क्या आपको लगता है कि चुनावों के बाद सरकारी खर्च में कमी आएगी? इसके जवाब में अमित ने कहा कि भारत की स्थित काफी अच्छी है। यहां महंगाई तुलनात्मक रूप से काफी कम है, श्रम लागत सस्ती है। जिसका अर्थ है कि सरकार आम चुनावों के बाद भी अधिक खर्च करना जारी रख सकती है। साथ ही, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। इसका अगले साल प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों करों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में अगर वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो सरकारी खर्च इसी गति से बढ़ता रहेगा।

नए जमाने की टेक्नोलॉजी कंपनियों में लंबे नजरिए से करें निवेश

नए जमाने की टेक्नोलॉजी कंपनियों पर अपनी राय देते हुए अमित ने कहा कि उनकी टीम निवेशकों से नए युग की कंपनियों में पैसे लगाने की सिफारिश करती है। लेकिन इस सेक्टर की चुनिंदा कंपनियों में ही निवेश करने की सलाह होगी। ज्यादातर मामलों में इन कंपनियों के वैल्यूएशन बहुत महंगे दिख रहे हैं। जमाने की टेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेशकों को 3-5 साल की लंबी अवधि के लिए ही दांव लगाने की सलाह होगी।

 

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