Daily Voice : इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भारी पूंजी जरूरत वाला सेक्टर है। इसमें शुरुआत में काफी ज्यादा निवेश की जरूरत होती है। इस सेक्टर में नकदी की आवक बहुत मजबूत नहीं होती है और रिटर्न भी देर से मिलना शुरू होता है। इसमें आमतौर पर रिटर्न भी औसत दर्जे का ही होता है। इसलिए इस सेक्टर में किसी स्टॉक को चुनते समय बहुत सावधान रहना चाहिए। क्योंकि, किसी प्रोजेक्ट के खराब एक्जीक्यूशन से कंपनी की बैलेंस शीट नाजुक हो सकती है और वैल्यूएशन गिर सकता है। ये बातें यूटीआई एएमसी (UTI AMC)के इक्विटी हेड और फंड मैनेजर अजय त्यागी ने मनीकंट्रोल के साथ हुई एक बातचीत में कही हैं।
पहली तिमाही के नतीजों का सीजन अब तक उम्मीद के मुताबिक
मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में अजय ने आगे कहा कि पहली तिमाही के नतीजों का सीजन अब तक उम्मीदों के मुताबिक ही रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि कई सेक्टर्स के मार्जिन में सुधार हुआ है। इक्विटी रिसर्च के साथ ही ऑफशोर और ऑनशोर फंड का 23 सालों का अनुभव रखने वाले बाजार के दिग्गज अजय त्यागी का कहना है कि पिछली कुछ तिमाहियों में कमोडिटी की कीमतों, माल ढुलाई लागत और एनर्जी की कीमतों में गिरावट से कंपनियों के मार्जिन में सुधार आया है।
आईटी सेक्टर का लॉन्ग टर्म आउटलुक शानदार
आईटी सेक्टर पर बात करते हुए अजय ने कहा कि सुस्त ग्लोबल इकोनॉमी और अनिश्चित माहौल के कारण आईटी सेक्टर नरमी के दौर से गुजर रहा है। हालांकि आईटी कंपनियों के ग्राहक अपने विभिन्न प्रोजेक्ट्स में देरी कर रहे हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि नए डील्स में मजबूती बनी हुई है। मंदी की आशंकाओं के बावजूद, गार्टनर, आईएसजी और फॉरेस्टर जैसी ग्लोबल आईटी सलाहकार कंपनियां मोटे तौर पर चालू वर्ष के लिए अपने ग्रोथ गाइडेंस पर कायम हैं। इनका ये भी मानना है कि अगले साल आईटी कंपनीयों में तेज ग्रोथ देखने को मिलेगी।
अजय का मानना है कि इस समय आईटी सेक्टर में सिक्लिकल दबाव देखने के मिल रहा है। लेकिन भारतीय आईटी कंपनियों में लॉन्ग टर्म में अच्छी ग्रोथ देखने को मिलेगी। आगे इनकी बाजार हिस्सेदारी में अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी। आगे दुनियाभर की कंपनियां नई टेक्नोलॉजी पर अपना खर्च बढ़ाएंगी। इससे भारतीय आईटी कंपनियों को फायदा होगा।
खपत से जुड़े शयरों में अच्छी तेजी की उम्मीद
अजय त्यागी ने इस बातचीत में आगे बताया कि उनके पोर्टफोलियों में घरेलू इकोनॉमी पर आधारित शयरों के लिए किये गए आबंटन का हिस्सा ज्यादा है। लेकिन एक्सपोर्ट आधारित शेयरों पर भी उनका फोकस है। अजय का मानना है देश में समृद्धि बढ़ने के साथ खपत स्तर में बढ़त होगी। देश में मिडिल क्लास की क्रय शक्ति में बढ़ोतरी हो रही है। इसका फायदा खपत से जुड़े शेयरों को होगा। ऐसे में हमें खपत से जुड़े शयरों में अच्छी तेजी देखने को मिलेगी। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि एक्सपोर्ट से जुड़े शेयरों में भी आगे तेजी देखने को मिलेगी। इन कंपनियों को चाइना प्लस वन पॉलिसी का फायदा मिलेगा।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।